हड़ताली डाक्टरों ने सिविल सर्जन दफ्तर किया बंद

एनपीए बहाली की मांग पर अड़े हड़ताली डाक्टरों ने सिविल सर्जन दफ्तर का काम ठप कर दिया।

JagranMon, 02 Aug 2021 10:27 PM (IST)
हड़ताली डाक्टरों ने सिविल सर्जन दफ्तर किया बंद

जागरण संवाददाता, फरीदकोट

एनपीए बहाली की मांग पर अड़े हड़ताली डाक्टरों ने अपने संघर्ष को तेज करते हुए सोमवार को सिविल सर्जन दफ्तर समेत दूसरे प्रोग्राम अफसरों के दफ्तरों का कामकाज ठप कर दिया, जिसके कारण कोई काम नहीं हुआ।

सेहत विभाग के डाक्टरों के साथ मेडिकल कालेज अस्पताल के डाक्टर भी सोमवार को मुकम्मल रूप से हड़ताल पर रहे। सेहत विभाग और मेडिकल कालेज के डाक्टरों के हड़ताल पर रहने से लोग परेशान हुए। हालांकि हड़ताली डाक्टरों द्वारा ओट सेंटर, इमरजेंसी सेवाएं, वन स्टाफ सेंटर व कोरोना सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखा गया, जिसके कारण इनसे जुड़े लोगों को ज्यादा परेशानी नहीं हुई।

पीसीएमएस एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष डाक्टर चंद्रशेखर कक्कड़ ने बताया कि उन लोगों की हड़ताल को डेढ़ महीने से ज्यादा हो गया है परंतु सरकार अब तक उनकी मांग को मानते हुए नहीं दिखाई दे रही है। ऐसे में जब तक सरकार उन लोगों की मांगों को मानती नहीं है तब तक उन लोगों की हड़ताल जारी रहेगी।

हड़ताली डाक्टरों द्वारा सिविल सर्जन, सहायक सिविल सर्जन दफ्तर, डीएमसी दफ्तर, डीएचओ दफ्तर व जिला टीवी अफसर समेत दूसरे प्रोग्राम अफसरों के दफ्तरों में ताले लगाए गए, जिससे लोगों को परेशानी हुई है। प्रदेश सरकार से संबंधित एक भी डाक नहीं अफसरों के टेबल से आगे नहीं बढ़ी।

--------------------

डाक्टरों ने काम बंद रख किया प्रदर्शन

संवाद सूत्र, श्री मुक्तसर साहिब

एक माह बाद भी डाक्टरों की हड़़ताल का कोई परिणाम नहीं निकलता दिखाई दे रहा है। एसोसिएशन द्वारा सोमवार को पूरे दिन की कलमछोड़ हड़ताल करने का फैसला करते हुए कामकाज बंद रखकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया।

डाक्टरों ने बताया कि पिछले दिनों चंडीगढ़ धरने में सेहत मंत्री बलवीर सिंह सिद्धू के भरोसे दिलाने के बावजूद भी सरकार द्वारा डाक्टरों की मांगों संबंधी कोई हल नहीं निकाला गया। इस धरने में मुक्तसर, मलोट व गिद्दड़बाहा के डाक्टरों ने भाग लिया। जिला प्रधान डा. गुरदित्त सिंह ने बताया कि सेहत मंत्री ने भी हमारी मांगों को जायज बताया व जल्द हल करवाने का भरोसा दिलाया था। लेकिन अभी तक सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। अगर सरकार ने हमारी मांगों को नजर अंदाज किया तो आगे संघर्ष को ओर तीव्र किया जाएगा।

इस मौके पर डा. वनीत जोशी, जगसीर सिंह, अमरिदर, मुनीश, अगनदीप, दिलबाग, डा. सुखदीप आदि भी उपस्थित थे।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.