बाजवा के हक में लगे पोस्टर से कैप्टन गायब

कांग्रेस के बीच चल रही आपसी कलह और पोस्टर वार के बीच फरीदकोट में भी एक पोस्टर लगाया गया है। इस पर लिखा है मंगदा पंजाब गुरु दी बेअदबी अते गोलियां दा जवाब। और खास बात ये है कि इसमें मुख्यमंत्री पंजाब की तस्वीर ही गायब है। पंजाब में जैसे-जैसे 2022 के चुनाव नजदीक आते जा रहे है वैसे-वैसे पंजाब के गलियारों में सियासी हलचल तेज होती जा रही है। पुराने कांग्रेसी नेताओं की नाराजगी भी अब खुलकर सामने आने लगी है।

JagranSat, 19 Jun 2021 11:40 PM (IST)
बाजवा के हक में लगे पोस्टर से कैप्टन गायब

संवाद सहयोगी, फरीदकोट : कांग्रेस के बीच चल रही आपसी कलह और पोस्टर वार के बीच फरीदकोट में भी एक पोस्टर लगाया गया है। इस पर लिखा है 'मंगदा पंजाब गुरु दी बेअदबी अते गोलियां दा जवाब'। और खास बात ये है कि इसमें मुख्यमंत्री पंजाब की तस्वीर ही गायब है। पंजाब में जैसे-जैसे 2022 के चुनाव नजदीक आते जा रहे है, वैसे-वैसे पंजाब के गलियारों में सियासी हलचल तेज होती जा रही है। पुराने कांग्रेसी नेताओं की नाराजगी भी अब खुलकर सामने आने लगी है।

जाहिर है, कि कांग्रेस पार्टी में अब नए-नए चेहरे आना भी एक वजह हो सकती है। जैसे सुखपाल सिंह खैहरा ने कांग्रेस में कदम रखा है। मगर पुराने सीनियर कांग्रेसी इस इंतजार में थे कि कभी उनकी भी सुनवाई होगी, लेकिन साढ़े चार साल बीत जाने पर भी इनके हाथ कुछ नहीं लगा। नए चेहरे कैप्टन के खास बन गए। इस वजह से अब कैप्टन की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही। पहले नवजोत सिंह सिद्धू के हक में पोस्टर लगे और अब प्रताप सिंह बाजवा के हक में जिला फरीदकोट में पोस्टर लगे हैं, जिसमे कैप्टन की तस्वीर गायब है।

इस मामले में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में सचिव धनजीत सिंह धनी विर्क जो कांग्रेस के पुराने दिग्गजों में से एक है ने कहा कि जिला फरीदकोट में कैप्टन से नाराज होकर प्रताप सिंह बाजवा के हक में बैनर लगवा है। इसमे कैप्टन की तस्वीर हटाकर अपना रोष जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि बाजवा और सिद्धू यदि मिलकर पंजाब में काम करें तो 2022 में सरकार दोबारा कांग्रेस की आ सकती है। सुखपाल खैहरा के कांग्रेस में आने से कोई फर्क नहीं पड़ता जो पुराने घर के लोग होते हैं वही काम आते हैं। कैप्टन पुराने कांग्रेसी लोगों को भूल रहे हैं और प्रताप सिंह बाजवा पुराने कांग्रेसी की कदर करते हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रताप सिंह बाजवा ही होने चाहिए।

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