व‌र्ल्ड टूरिज्म डे : जिस घर में पियरे जेनरे 11 साल रहे, अब टूरिस्ट उनके डिजाइन निवार बेड पर बिता रहे रात

कोरोना महामारी ने हर क्षेत्र को बुरी तरह से क्षति पहुंचाई है। लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान हॉस्पिटेलिटी और टूरिज्म सेक्टर को हुआ है। डेढ़ साल कोरोना की मार झेलने के बाद टूरिज्म सेक्टर एक बार फिर से पर्यटकों का गर्मजोशी से स्वागत कर रहा है।

JagranMon, 27 Sep 2021 06:01 AM (IST)
व‌र्ल्ड टूरिज्म डे : जिस घर में पियरे जेनरे 11 साल रहे, अब टूरिस्ट उनके डिजाइन निवार बेड पर बिता रहे रात

बलवान करिवाल, चंडीगढ़

कोरोना महामारी ने हर क्षेत्र को बुरी तरह से क्षति पहुंचाई है। लेकिन सबसे ज्यादा नुकसान हॉस्पिटेलिटी और टूरिज्म सेक्टर को हुआ है। डेढ़ साल कोरोना की मार झेलने के बाद टूरिज्म सेक्टर एक बार फिर से पर्यटकों का गर्मजोशी से स्वागत कर रहा है। चंडीगढ़ के जो मुख्य पर्यटन स्थल कई महीनों तक बंद पड़े रहे अब इनका सन्नाटा टूट चुका है। व‌र्ल्ड हेरिटेज कैपिटल कांप्लेक्स पर्यटकों के लिए खुल चुका है। रोजाना पर्यटक इसका दीदार करने पहुंच रहे हैं। इसी तरह से सेक्टर-5 के जिस 57 नंबर मकान में पियरे जेनरे 11 साल रहे। इस घर में रहकर उनके आर्किटेक्टचर वर्क को करीब से जानने वालों की कतार लग रही है। जेनरे म्यूजियम में गेस्ट हाउस स्टे शुरू होने के बाद यहां रुकने के लिए ऑनलाइन बुकिग शुरू हो चुकी है।

वेबसाइट से बुकिग

जेनरे हाउस में बने गेस्ट रूम की बुकिग टूरिज्म डिपार्टमेंट की वेबसाइट के माध्यम से होगी। वेबसाइट पर जेनरे म्यूजियम के नाम का लिक मिलेगा। इस पर विजिट कर रूम बुकिग के लिए आवेदन किया जा सकता है। जरूरत और सही उद्देश्य जानने के बाद ही प्रशासन रूम बुक करेगा। इस हाउस में तीन रूम गेस्ट के लिए हैं। इसमें से टूरिस्ट आर्किटेक्ट स्टूडेंट को प्रति दिन 1500 रुपये देने होते हैं, जिसमें उन्हें इस घर की रसोई में बना ब्रेकफास्ट सर्व किया जाता है। इसके अलावा लोकल टूरिस्ट को प्रति दिन 2500 रुपये चुकाने होंगे। गेस्ट के लिए यहां एयर कंडीशनर की सुविधा दी गई है। हालांकि म्यूजियम में नीचे के फ्लोर में एयर कंडीशनर नहीं लगाया गया क्योंकि यहां हवा की व्यवस्था बहुत अच्छी है।

रूम में लग्जरी नहीं निवार का बेड मिलेगा

अमूमन लोग लग्जरी रूम में विशेष सुविधाओं के लिए एक रात के हजारों रुपये खर्च करते हैं। यहा स्थिति बिल्कुल अलग है। जेनरे हाउस में जेनरे के ही डिजाइन सामान्य निवार के बेड लगाए गए हैं। रूम में फर्नीचर भी हेरिटेज लगाया गया है। तीनों रूम में बाहर का अलग व्यू मिलेगा। हर रूम में दो बेड लगाए गए हैं। इस रूम में फर्नीचर की विशेषता इससे समझी जा सकती है कि जेनरे का डिजाइन किया फर्नीचर विदेशों में करोड़ों रुपये में नीलाम होता रहा है।

40 फीसद में ही कंस्ट्रक्शन

पियरे जेनरे चंडीगढ़ के स्वरूप अनुसार घरों को भी 60:40 की रेशो में बनाते थे। इसमें 60 प्रतिशत हिस्सा हरियाली और 40 प्रतिशत हिस्सा कंक्रीट का बना हो। जेनरे हाउस में भी आगे पीछे बड़ा लॉन है। जामुन, चीकू, नाशपाती, आम जैसे आठ तरह के फलदार पेड़ मौजूद हैं। घर की बनावट ऐसे है कि जिसमें सीधा दीवारों को संपर्क मैदान से होता है। इसमें दीवारें सीधी न होकर ट्राइएंगल बनाती है, जिससे घर के अंदर हवा और प्रकाश की व्यवस्था बनी रहे। उन्होंने छोटे सरकारी घरों में भी इसका ख्याल रखा था।

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