महिला ने FDR के लिए दिए 41,200 रुपये, एजेंट ने शेयर मार्केट में किए निवेश, चंडीगढ़ कंज्यूमर कमीशन ने लगाया हर्जाना

महिला ने FDR के लिए दिए 41,200 रुपये, एजेंट ने शेयर मार्केट में किए निवेश।

चंडीगढ़ की एक महिला से 41200 रुपये की राशि ठगने के मामले में चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन ने सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोयायटी के खिलाफ फैसला सुनाया है। महिला ने सोसायटी के एजेंट ने उक्त राशि एफडीआर के लिए दी थी लेकिन एजेंट ने उसे शेयर मार्केट में लगा दिया।

Ankesh ThakurSat, 08 May 2021 11:46 AM (IST)

चंडीगढ़, जेएनएन। चंडीगढ़ की एक महिला से 41,200 रुपये की राशि ठगने के मामले में चंडीगढ़ डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमीशन ने सेक्टर-22 स्थित सहारा क्रेडिट को -ऑपरेटिव सोयायटी के खिलाफ सख्त फैसला सुनाया है। कम पढ़ी लिखी महिला ने सोसायटी के एजेंट ने उक्त राशि एफडीआर के लिए दी थी लेकिन एजेंट ने उसे शेयर मार्केट में लगा दिया। 

शिकायत के बाद कमीशन ने सेक्टर-22 स्थित सहारा क्रेडिट को -ऑपरेटिव सोयायटी पर हर्जाना लगाया है। कमीशन ने शिकायतकर्ता को मानसिक रूप से परेशान करने पर सात हजार रुपये और केस खर्च के लिए दस हजार रुपये देने का आदेश दिया हैं। एजेंट को उक्त राशि नौ फीसद ब्याज दर के साथ वापस करने के लिए कहा है। 

अपनी शिकायत में सेक्टर-41ए निवसी 52 वर्षीय ललिता कुमारी ने बताया कि सेक्टर-22बी स्थित सहारा क्रेडिट को -ऑपरेटिव सोयायटी के एजेंट लवकुश कुमार गुप्ता ने उनसे झूठ बोलकर 41,200 रुपये लिए थे। उन्होंने एजेंट लवकुश को 7 सितंबर 2012 को 41,200 रुपये की राशि एफडीआर करने के लिए दी थी लेकिन एजेंट ने इस राशि को शेयर मार्केट में निवेश कर दिया। बात की सच्चाई पता लगने पर जब ललिता ने एजेंट से राशि वापस मांगी तो उसने मना कर दिया। जिस पर ललिता ने डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर फोरम में कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।

पांच वर्ष बाद राशि वापस के लिए किया एजेंट से संपर्क, राशि देने से फिर किया मना

शिकायतकर्ता ने बताया कि एजेंट ने उन्हें कहा कि राशि वापस नहीं हो सकती, क्योंकि यह अब पांच वर्षों के लिए निवेश हो चुकी है। उसके बाद शिकायतकर्ता ने एजेंट को पांच वर्ष के बाद साल 2017 में राशि वापस के लिए संपर्क किया। लेकिन उस वक्त भी एजेंट ने उन्हें राशि वापस देने से मना कर दिया। एजेंट ने उन्हें कहा कि कंपनी घाटे में चल रही है जिस वजह से वो अभी राशि वापस नहीं दे सकती है। इसलिए उन्हें थोड़ा ओर इंतजार करना होगा।

दो वर्षो में कंपनी के वित्तिय संकट से उभरने का किया था दावा

एजेंट लवकुश ने शिकायतकर्ता को दो वर्ष बाद राशि वापस देने का वायदा किया। इस दौरान एजेंट ने ललिता को कहा कि दो वर्षों में कंपनी वित्तीय संकट से उभर जाएगी और उन्हें राशि वापस मिल जाएगी। साल 2018 में शिकायतकर्ता ललिता ने कंपनी और एजेंट को एक लीगल नोटिस भी भेजा था लेकिन दोनों में से किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया।

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