पंजाब सरकार ने AG के नाम की फाइल राज्यपाल को भेजी, पार्टी में ही उठने लगे विरोध के सुर

पंजाब सरकार व संगठन के बीच पांच दिन चली माथापच्ची के बाद आखिरकार राज्य के नए एडवोकेट जनरल के नाम की फाइल राज्यपाल को भेजी दी। एपीएस देयोल का नाम भेजा गया है। हालांकि उनके नाम पर विवाद उठने लगा है।

Kamlesh BhattSat, 25 Sep 2021 06:20 PM (IST)
पंजाब एजी पद के लिए एपीएस दयोल के नाम की सिफारिश। फाइल फोटो

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के बाद हुए कोटकपूरा गोलीकांड में आरोपितों के वकील अमरप्रीत सिंह देयोल को ही एडवोकेट जनरल (एजी) लगाने की मंजूरी दे दी है। सूत्रों के अनुसार फाइल राज्यपाल के पास भेज दी गई है। हालांकि अभी अधिसूचना जारी नहीं हुई है क्योंकि पार्टी के अंदर ही उनके नाम पर विरोध के स्वर उठने लगे हैं। हाईकमान का दबाव भी है।

संभावना है कि डीएस पठवालिया की तरह देयोल की फाइल भी वापस मंगवाई जा सकती है। मुख्यमंत्री की ओर से देयोल के नाम की मंजूरी काफी चर्चा में है, क्योंकि चन्नी के अलावा उप मुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू बेअदबी मामलों में कार्रवाई न करने का आरोप लगाकर पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को कठघरे में खड़ा करते रहे हैं। अमरप्रीत सिंह देयोल के कारण ही प्रदेश सरकार को कई गंभीर मामलों में मुंह की खानी पड़ी है। वह पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और निलंबित आइजी परमराज सिंह उमरानंगल के वकील भी हैं और उन्हें कोर्ट से राहत दिलाई है, जबकि रंधावा, सिद्धू जैसे कांग्रेस नेता सैनी व उमरानंगल के खिलाफ शिकंजा कसने की कोशिश करते रहे हैं।

देयोल अमृतसर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले में कैप्टन अमरिंदर के भी वकील रहे हैं। इस घोटाले में कैप्टन बरी हो गए थे। बताया जा रहा है कि भले ही सरकार देयोल को एजी नियुक्त कर दे, लेकिन वह उन केसों में सरकार की ओर से पैरवी नहीं कर पाएंगे जिनमें आरोपितों की पैरवी करते रहे हैं। इन बड़े मामलों में सरकार के खिलाफ कर रहे पैरवीकोटकपूरा गोलीकांड में पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी और निलंबित आइजी परमराज उमरांगल मामले सहित सैनी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के केस में देयोल उनकी पैरवी कर रहे हैं। गिरफ्तारी के मामले में विजिलेंस चीफ के खिलाफ हाई कोर्ट में दाखिल की गई अवमानना याचिका में भी देयोल ही सैनी के वकील हैं।

2017 में भी चली थी चर्चा

2017 में भी सरकार बनने पर एडवोकेट देयोल के नाम की चर्चा चली थी, लेकिन कैप्टन ने अतुल नंदा को एजी लगाया था। कैप्टन ने जब इस्तीफा दिया तो अतुल नंदा ने भी पद से इस्तीफा दे दिया।

देयोल से पहले करीब 10 वकीलों के नामों पर चलती रही चर्चा

सीनियर एडवोकेट देयोल से पहले सीनियर एडवोकेट अनमोल रतन सिंह सिद्धू और डीएस पटवालिया का नाम इस पर नियुक्ति के लिए चल रहा था, इसके बाद कई नामों पर पिछले पांच दिनों तक चर्चा चलती रही। लेकिन अब पंजाब सरकार ने देयोल का नाम भेजा। हालांकि अभी उनके नाम पर भी पेंच फंसा हुआ है।

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