वॉर रूम मीटिंग आज, पाबंदियों पर होगा फैसला, चंडीगढ़ के व्यापारियों ने प्रशासन को दिए सुझाव

वॉर रूम मीटिंग आज, पाबंदियों पर होगा फैसला।

कोरोना संक्रमण को देखते हुए शहर में पाबंदियां बढ़ाने और लॉकडाउन को लेकर आज सोमवार को प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के नेतृत्व में वार रूम की बैठक होगी। ऐसे में व्यापारी अपने-अपने सुझाव प्रशासन के अधिकारियों को दे रहे हैं।

Ankesh ThakurMon, 10 May 2021 09:30 AM (IST)

चंडीगढ़, जेएनएन। कोरोना संक्रमण को देखते हुए शहर में पाबंदियां बढ़ाने और लॉकडाउन को लेकर आज प्रशासक वीपी सिंह बदनौर के नेतृत्व में वार रूम की बैठक होगी। ऐसे में व्यापारी अपने-अपने सुझाव प्रशासन के अधिकारियों को दे रहे हैं। व्यापार मंडल के बाद व्यापार सदन के अध्यक्ष अरविंद जैन ने सलाहकार मनोज परिदा को पत्र लिखा। जिसमें उन्होंने जूस की दुकानों को जरूरी वस्तुओं में शामिल करने की मांग की है।

उनका कहना है कि इस समय रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने के लिए जूस की मांग बढ़ गई है। शहर की सभी रेहड़ी फड़ी मार्केट में जरूरी और गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानों के बीच विभाजन होना चाहिए। कमर्शियल मार्केट्स को सुबह छह से दोपहर 12 बजे तक खोलने की मंजूरी दी जाए जबकि एससीएफ और एसएसीओ को दोपहर एक से शाम छह बजे तक खोलने की मंजूरी दी जाए। रामदरबार और औद्योगिक क्षेत्र में सप्ताह में छह दिन दोपहर एक से शाम छह बजे तक दुकानें खोलने की मंजूरी दी जाए। रविवार को पूरा दिन लॉकडाउन लगाना चाहिए सिर्फ सब्जी वाले वेंडर्स को ही मंजूरी दी जानी चाहिए। एक बाजार में एक समय पर एक ही साइट की दुकानें खुलनी चाहिए। व्यापार मंडल के अलावा शहर के कई व्यापारी सगठनों ने अपने सुझाव दिए हैं। 

व्यापार मंडल ने यह दिए हैं सुझाव

व्यापार मंडल ने पंजाब सरकार द्वारा प्रदेश में ऑड ईवन की तर्ज पर दुकानें खोलने का सुझाव दिया है। पत्र में कहा कि व्यापारियों, कर्मचारियों और उनके परिवार वालों को आय के अभाव में जीवित रहना मुश्किल हो रहा है। इसलिए व्यापार समुदाय के लिए राहत पैकेज की घोषणा सरकार की ओर से की जानी चाहिए। जब बैंकों, कार्यालयों और उद्योग को 50 फीसद स्टाफ के साथ कार्य करने की अनुमति दी सकती है तो गैर जरूरी वस्तुओं की दुकानों को खोलने की भी मंजूरी दी जाए। व्यापार मंडल के महासचिव संजीव चड्ढा का कहना है कि प्रशासन ने इस समय शहर के व्यापारियों को बांट दिया है। गैर जरूरी वस्तुओं का कारोबार करने वाले व्यापारी किस तरह से अपना घर चलाए यह भी प्रशासन को बताना चाहिए। उनका कहना है कि इस तरह के  लॉकडाउन से व्यापारियों को किराया, वेतन, टैक्स, और बिजली के भुगतान के लिए भी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है।

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