चंडीगढ़ ग्रुप आफ कालेजिज झंजेड़ी में बालिका दिवस पर इन दिग्गज महिलाओं ने साझा किए अपनी सफलता के किस्से

राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में मौजूद सम्मानित होने वाली महिलाएं।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर चंडीगढ़ ग्रुप आफ कालेजिज झंझेड़ी में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अपनी जिंदगी में मुकाम हासिल करने वाले महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान महिलाओं ने अपनी सफलता के बारे में भी जानकारी दी।

Publish Date:Sun, 24 Jan 2021 05:14 PM (IST) Author: Ankesh Kumar

मोहाली, जेएनएन। चंडीगढ़ ग्रुप आफ कालेजिज झंजेड़ी कालेज द्वारा राष्ट्रीय बालिका दिवस पर महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में जिले की अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन मुख्य मेहमान थी। जैन ने अपनी जिंदगी की सफर को साझा किया। 

उन्होंने बताया कि सिविल सर्विसिज को पासआउट करना आसान नहीं है। मैंने इस लक्ष्य को दृढ़ निश्चय, असफलताएं और गलतियों सिखते हुए हासिल किया। जैन ने कहा कि लड़कियों को अपनी मंजिल तय करके लगातार मेहनत करना जरूरी है। एक प्रोफेशनल औरत की जिंदगी में आने वाली कठिनाइयां साझा करते हुए उन्होंने सभी छात्राएं को हमेशा अपने बेहतरीन करियर के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।

मिस पीटीसी विजेता, माडल और अभिनेत्री रहमत रत्न ने माडलिंग के दौरान के उनके संघर्षों के समय को साझा किया। उन्होंने कहा कि बेशक माडलिंग के लिए उनको परिवार का पूरा समर्थन रहा। लेकिन उन्हें कई ऐसे उदाहरण देखने को मिले जब लड़कियों को उनके परिवार के सहयोग न मिलने से अपना बेहतरीन करियर को खत्म करना पड़ा।

एक निजी चैनेल की एंकर प्रियका शर्मा ने बताया कि उनके परिवार के मेंबर उनके एंकर बनने के विरुद्ध थे। उनकी मां के सहयोग से ही वह इस मुकाम हासिल कर सकी। इस के साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों से संघर्ष की जिंदगी से सफलता के समय तक एक महिला के अंदर पैदा होने वाली मनोस्थिति व उसके हल सबंधी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।

पूर्व इंडियन आर्मी सनाइपर कैप्टन जसमीत चौहान जो कि एक एनजीओ के साथ भी काम करते हैं, जो कि औरतों की भलाई के लिए काम करती है। उन्होंने छात्रों को उनके बेहतरीन करियर बनाने और अच्छी जिंदगी जीने के टिप्स दिए। उन्होंने  कहा कि लड़कियों में सहिनशीलता व आत्मविश्वास लडक़ों के मामले में अधिक होता है। इस गुण को अपनाकर लड़कियां अपनी मंजिल चुनते हुए विकास की ऊंचाइयां छू सकती है।

आखिर में रेडियो जॉकी राबिया ने अपनी जि़ंदगी के संघर्ष और सफलता की कहानी बताई । इसके साथ ही उन्होंने ने इस कार्यक्रम के मेजबान के रूप में काम किया और पूरे कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस दौरान संस्थान प्रबंधन की ओर से विचार रखे गए।

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