पंजाब और दिल्ली के स्कूलों पर परगट सिंह व मनीष सिसोदिया का ट्विटर वार, एक-दूसरे को चुनौती दी

पंजाब व दिल्ली के स्कूलों के बुनियादी ढांचे को लेकर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया व पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह ट्विटर पर भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे को अपने-अपने राज्य में आने का न्यौता दे स्कूलों को देखने को कहा।

Kamlesh BhattFri, 26 Nov 2021 08:22 PM (IST)
मनीष सिसोदिया व परगट सिंह की फाइल फोटो।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। स्कूल शिक्षा को लेकर पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह और दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया आपस में भिड़ गए। दोनों ने एक-दूसरे पर ट्वीटर पर जमकर निशाने साधे। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा पंजाब के शिक्षकों के साथ 8 वादे करने के बाद परगट सिंह लगातार दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर हमला बोल रहे थे। परगट ने दिल्ली के उप मुख्यमंत्री व शिक्षा विभाग देख रहे मनीष सिसोदिया को दोनों राज्यों के सरकारी स्कूलों की तुलना करने की चुनौती को स्वीकार कर लिया है।

मनीष सिसोदिया ने दोनों राज्यों के 10-10 स्कूलों को एक साथ दौरा करने व पांच सालों में इन स्कूलों में किए गए सुधार कार्य की तुलना करने के लिए कहा। जिस पर परगट ने कहा 10 नहीं हम दोनों राज्यों के 250 स्कूलों का दौरा करेंगे। जिस पर सिसोदिया ने परगट सिंह से स्कूलों की सूची मांग ली और कहा कि वह भी 250 स्कूलों की सूची भेज देंगे।

सिसोदिया ने ट्वीट कर परगट सिंह से कहा है कि वह दिल्ली और पंजाब के सूचीबद्ध बेहतरीन स्कूलों के दौरे और शिक्षा व्यवस्था/सुधारों पर बहस के लिए अपनी इच्छा के अनुसार समय और तारीख तय करके बता दें, ताकि दोनों शिक्षा मंत्री (मनीष सिसोदिया और परगट सिंह) मीडिया की मौजूदगी में दिल्ली और पंजाब के सरकारी स्कूलों का एक साथ दौरा कर खुली बहस कर सकें। इसे लेकर मनीष सिसोदिया ने परगट सिंह को टैग करते हुए 3 ट्वीट किए। वहीं, परगट सिंह ने 7 ताबड़तोड़ ट्वीट किए।

पहले ट्वीट में सिसोदिया ने कहा, ‘पंजाब के शिक्षा मंत्री ने मेरी चुनौती स्वीकार करते हुए दिल्ली और पंजाब के 250 स्कूलों के शिक्षा सुधारों के संबंध में बहस को स्वीकारा है। पिछले 5 वर्षों में पंजाब के जितने स्कूलों की हालत सुधरी है, उनमें से सबसे बेहतर 250 स्कूलों की सूची का मुझे इंतजार है।’ दूसरे ट्वीट में लिखा ‘ मैं स्वयं भी दिल्ली के 250 स्कूलों की सूची सौपूंगा। उसके बाद हम दोनों एक साथ तय समय और तारीख पर स्कूलों में जाएंगे। साथ ही मीडिया को भी बुलाएंगे, ताकि जनता दिल्ली और पंजाब के सरकारी स्कूलों और दोनों के शिक्षा माडल को देखकर अपनी राय बना सकें।’

तीसरे ट्वीट में लिखा कि ‘इतना ही नहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री शनिवार (27 नवंबर) को मोहाली आ रहे हैं। वह (केजरीवाल) वहां अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे पंजाब के धरनों पर बैठकर अध्यापकों के साथ मुलाकात करेंगे। स्कूलों के हुए सुधारों के संबंध में वहां पढ़ा रहे अध्यापकों से बेहतर कौन बता सकता है।’

वहीं, परगट सिंह ने ट्वीटर पर लिखा ‘मैं दिल्ली के शिक्षा मंत्री का स्वागत करता हूं। पंजाब के सरकारी स्कूलों की तुलना दिल्ली के स्कूलों के साथ। हम पंजाब और दिल्ली के 10 स्कूलों की जगह 250-250 स्कूल लेंगे। शिक्षा मंत्री ने लिखा, हम एनपीजीआइ इंडेक्स पर स्कूलों की तुलना करेंगे। हम स्कूल के बुनियादी ढांचे और स्मार्ट कक्षाओं की संख्या पर बहस करेंगे। हम राज्य के ग्रामीण और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्कूलों के विकास के बारे में बहस करेंगे।

परगट सिंह ने लिखा, हम नए भर्ती शिक्षक और स्थायी शिक्षक के आंकड़ों की तुलना करेंगे। हम सीमावर्ती स्कूलों में शिक्षकों की बढ़ी संख्या का डाटा लेंगे। हम दोनों राज्यों के शिक्षक अनुपात में छात्र की तुलना करेंगे। हम दिल्ली जैसे काम्पैक्ट स्थान की तुलना में पंजाब के दूरदराज के इलाकों में 7 गुना अधिक स्कूलों के प्रबंधन की चुनौतियों और परिसरों के बारे में भी तुलना करेंगे। इसकी तुलना में हम पिछले 4-5 वर्षों में सरकारी स्कूलों में नामांकित छात्रों की संख्या लेंगे।

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