मनीष सिसोदिया व परगट सिंह के बीच फिर ट्विटर वार, पंजाब व दिल्ली की शिक्षा के स्तर पर आरोप-प्रत्यारोप

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया व पंजाब के शिक्षा मंत्री एक बार फिर दोनों राज्यों में शिक्षा के स्तर को लेकर आपस में भिड़ गए। परगट ने कहा कि फर्जी नेता लोगों को गुमराह कर रहे तो सिसोदिया ने कहा कांग्रेस चर्चा से भाग रही है।

Kamlesh BhattMon, 29 Nov 2021 07:06 PM (IST)
मनीष सिसोदिया व परगट सिंह की फाइल फोटो।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए एक बार फिर पंजाब और दिल्ली के शिक्षा मंत्री ट्विटर पर भिड़ गए हैं। इससे पहले भी पिछले हफ्ते दोनों शिक्षा मंत्री एक-दूसरे को चुनौती देते नजर आए थे। सोमवार को एक बार फिर से दोनों ने अपने-अपने राज्यों में शिक्षा का स्तर बेहतर करने का दावा करते हुए चुनौती दी।

आम आदमी पार्टी पर फिर हमला बोलते हुए शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने आज कहा कि फर्जी नेता लोगों को गुमराह करने के लिए फर्जी आंकड़े पेश कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री द्वारा जारी 250 स्कूलों के स्थानों की सूची सही हो। परगट सिंह ने कहा कि उन्हें लगा कि उन्हें सिसोदिया को जवाब देने की इतनी जल्दी है कि उन्होंने (परगट सिंह) ने जो लिखा है वह पढ़ा नहीं है। उन्होंने कहा कि सिसोदिया ने स्पष्ट रूप से कहा था कि वह राष्ट्रीय प्रदर्शन ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) 2021 के मानदंडों के साथ तुलना करेंगे।

परगट सिंह ने कहा कि मनीष सिसोदिया द्वारा जारी सूची में स्कूलवार नामांकन संख्या, स्थायी शिक्षक और रिक्तियां, मैट्रिक के परिणाम और प्राचार्यों के नाम शामिल होने चाहिए। उन्होंने सिसोदिया से 2013-14 से 2019-20 के आंकड़ों का जिक्र करने को भी कहा, ताकि पूरी तस्वीर साफ हो सके। परगट सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले भी यही जानकारी मांगी थी, लेकिन आश्चर्य था कि वह क्या छुपा रहे थे।

उधर, दिल्ली के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली के ढाई सौ सरकारी स्कूलों की सूची (लिस्ट) जारी करने के 24 घंटे बाद भी परगट सिंह ने पंजाब के स्कूलों की सूची जारी नहीं की। सिसोदिया ने कहा, ‘‘पंजाब के शिक्षा मंत्री मैदान छोड़कर भाग रहे हैं। परगट सिंह जी तो लिस्ट जारी नहीं कर पाए, लेकिन मुझे उम्मीद है कि मुख्यमंत्री चन्नी साहिब पंजाब के सबसे बेहतर ढाई सौ सरकारी स्कूलों की सूची जारी करेंगे।’’

सिसोदिया ने कहा कि पंजाब की जनता को यह जानने का हक है कि कांग्रेस की सरकार ने पिछले 5 वर्षो में राज्य में शिक्षा के लिए क्या काम किया है? दोनों राज्यों के स्कूलों की तुलना से भागना यह साबित कर रहा है कि कांग्रेस सरकार ने पंजाब में शिक्षा पर कोई काम नहीं किया है। दूसरी ओर केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में शिक्षा को लेकर जबरदस्त काम किया है। जिस कारण दिल्ली के एजुकेशन माडल की चर्चा आज पूरे विश्व में हो रही है।

सिसोदिया ने कहा कि परगट सिंह के मैदान छोड़ने के बाद अब हम चन्नी साहब से यह उम्मीद रखते हैं कि वह आज ही पंजाब के ढाई सौ स्कूलों की सूची जारी करें। सिसोदिया ने कहा कि पंजाब की जनता का यह जानने का भी अधिकार बनता है कि क्या पंजाब सरकार के पास ऐसे ढाई सौ स्कूल भी नहीं है, जहां दिल्ली के स्कूलों की तरह पिछले 5 वर्षों में वल्र्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया हो, टीचर-स्कूल प्रमुखों को विदेशों से ट्रेनिंग दिलवाई गई हो, रिजल्ट को बेहतर किया गया हो, बच्चे आइआइटी/जेईई के लिए चुने जा रहे हों।

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