चंडीगढ़ की हेरिटेज बिल्डिंग्स में पर्यटकों को नहीं होगी गाइड की जरूरत, अपनी खासियत खुद बताएगी इमारत

शहर की हेरिटेज इमारतों में घूमने आने वाले पर्यटकों को अब गाइड की जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि इन इमारतों की विशेषता के बारे में लोगों को खुद ही जानकारी मिल सकेगी। यह फैसला चंडीगढ़ प्रशासन ने लिया है।

Ankesh ThakurSun, 25 Jul 2021 03:27 PM (IST)
चंडीगढ़ की कैपिटल कांप्लेक्स की फाइल फोटो।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। जाने माने आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए और उनके कजिन पियरे जेनरे ने चंडीगढ़ को ऐसे गढ़ा कि अब यह विश्व विरासत बन गया है। सिटी ब्यूटीफुल की बिल्डिंग अब हेरिटेज हो चुकी हैं। इतना ही नहीं यूनेस्को खुद ली कार्बूजिए द्वारा डिजाइन और बनाए गए कैपिटल कांप्लेक्स को वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा दे चुका है। लेकिन इन सभी बिल्डिंग की खासियत पर्यटक को तभी पता चलती हैं जब कोई परफेक्ट गाइड साथ मौजूद हो। गाइड भी कैपिटल कांप्लेक्स में तो यूटी प्रशासन की ओर से साथ जाता है। लेकिन शहर की कई अन्य बिल्डिंग ऐसी हैं जो दूसरी जगह स्थित हैं। इनकी जानकारी टूरिस्ट को नहीं मिलती। अब यह बिल्डिंग खुद अपनी खासियत बयां करेंगी। बिल्डिंग के बारे में पूरी जानकारी बिना गाइड के ही मिल जाएगी।

चंडीगढ़ की सभी हेरिटेज बिल्डिंग के सामने उसकी विस्तृत जानकारी देने वाले साइनबोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही लोगों की सक्रियता और बढ़ाई जाएगी। यह निर्णय चंडीगढ़ हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी की मीटिंग में लिया गया। ज्वाइन करने के बाद एडवाइजर धर्म पाल की अध्यक्षता में पहली बार इस कमेटी की मीटिंग हुई। एडवाइजर ने यह साइनबोर्ड तुरंत लगाने के आदेश इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को दिए हैं। यह बोर्ड भी चंडीगढ़ के मॉर्डन आर्किटेक्चर वर्क से मेल खाने वाले होंगे। इससे टूरिस्ट को अहम जानकारी के लिए गाइड का इंतजार नहीं करना होगा।

मीटिंग में एडवाइजर को चीफ आर्किटेक्ट कम मेंबर कन्वीनर कपिल सेतिया ने कमेटी के बारे में जानकारी दी। हेरिटेज सिटी की जानकारी देने के लिए एडवाइजर को प्रेजेंटेशन दी गई। कमेटी के संविधान की जानकारी दी गई। हेरिटेज मामलों पर चर्चा भी हुई। एडवाइजर ने शहर का हेरिटेज कैरेक्टर बरकार रखने पर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। बता दें कि चंडीगढ़ में कैपिटल कांप्लेक्स को यूनेस्को ने वर्ल्ड हेरिटेज का दर्जा दे रखा है। इसमें हाई कोर्ट, विधान सभा और सेक्रेटेरिएट की बिल्डिंग हेरिटेज हैं। वहीं पंजाब यूनिवर्सिटी का गांधी भवन, एसी जोशी लाइब्रेरी, सेक्टर-18 गवर्नमेंट प्रेस की बिल्डिंग को भी हेरिटेज दर्जा है।

रॉक गार्डन के सामने बनेगी पार्किंग

हाई कोर्ट की ओपन पार्किंग की जगह पर मल्टी लेवल पार्किंग बनाने पर कमेटी पहले ही मंजूरी दे चुकी है। इस प्रोजेक्ट के बारे में कमेटी ने एडवाइजर को जानकारी दी। यह पार्किंग रॉक गार्डन के सामने बननी है। इस पार्किंग का ऊपरी स्पेस ग्रीन ही होगा। लैंड स्केपिंग से यह ग्रीन ही दिखेगा। एडवाइजर धर्म पाल ने इस प्रोजेक्ट का काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। एडवाइजर ने शहर के सभी हेरिटेज से जुड़े काम तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

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