नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पासआउट चंडीगढ़ के निरेश करेंगे कॉमेडी प्ले बांसवाड़ा का निर्देशन

अपनी टीम के साथ नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पासआउट चंडीगढ़ के निरेश।

सात मार्च को टैगोर थिएटर सेक्टर-18 में कॉमेडी प्ले बांसवाड़ा का मंचन होगा। इस प्ल का निर्देशन नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पासआउट चंडीगढ़ के निरेश कर रहे हैं। निरेश कुमार ने पंजाब यूनिवर्सिटी के इंडियन थिएटर से ग्रेजुएशन की है।

Ankesh KumarThu, 04 Mar 2021 05:46 PM (IST)

चंडीगढ़, जेएनएन। कलाकार का जीवन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहता है। उसके जीवन में कभी ठहराव नहीं आता। इसी चीज को बीते दस सालों से महसूस कर रहा हूं। जिसे अब कॉमेडी प्ले के जरिये पेश करने का प्रयास है। यह कहना है नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पास आउट निरेश कुमार का।

निरेश सात मार्च को टैगोर थिएटर सेक्टर-18 में होने वाले कॉमेडी प्ले बांसवाड़ा का निर्देशन कर रहे हैं। निरेश ने बताया कि कलाकार का कभी भी कलाकारी से पेट नहीं भरता। उसे छोटे-छोटे काम करने ही पड़ते है। यदि वह कोई बड़ा काम करता है तो उसे कलाकारी छोड़नी पड़ती है। इसी दिखाने के लिए पहले बांसवाड़ा की कहानी लिखी और उसके बाद उसे नाटक में तब्दील करके मंच पर पेश करने का प्रयास है। नाटक की कहानी एक ऐसे निर्देशक की रहेगी जो कि शेक्सपीयर पर नाटक का मंचन करना चाहता है। उस नाटक को बनाने के लिए वह कलाकार ढूढ़ता है जिसमें उसे एक कसाई मिलता है जबकि दूसरा बाल काटने वाला नाई। इसी प्रकार से विभिन्न व्यवसायों को करने वालों को इकट्ठा करता है और अचानक नाटक में नायिका की भूमिका निभाने वाली पीठ दर्द का बहाना बनाकर भाग जाती है।

कलाकारी की कद्र नहीं, जिसके कारण हो रही परेशानी

निरेश ने बताया कि पहले पंजाब यूनिवर्सिटी के इंडियन थिएटर से ग्रेजुएशन की और उसके बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से पास आउट हुआ। उसके बाद मुंबई में जाकर भी काम किया और देश के अलग-अलग राज्यों में नाटकों का निर्देशन करके मंचन किया, लेकिन कलाकार की कद्र जरूरी है कलाकारी की नहीं। इसके चलते अभिनय दम तोड़ता दिख रहा है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.