पराली जलाने पर 15,000 रुपये जुर्माने का प्रावधान, फिर भी नहीं डर रहे मोहाली के किसान, 8 पर हुई कार्रवाई

किसान पराली न जलाएं इसको लेकर प्रशासन और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) की ओर से अभियान चलाया जा रहा है लेकिन अक्टूबर महीने में जिले में पराली जलाने के अब तक आठ मामले सामने आ चुके हैं।

Ankesh ThakurMon, 25 Oct 2021 03:59 PM (IST)
मोहाली जिले में 2020 में 35 किसानों पर पराली जलाने पर कार्रवाई हुई थी।

जागरण संवाददाता, मोहाली। पराली जलाने पर रोक के बावजूद मोहाली जिले में खूब पराली जल रही है। जिले में किसानों ने पराली जलाना बंद नहीं किया है। मोहाली में लगभग 25,800 हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती होती है। 1.29 लाख क्विंटल फसल अवशेष निकलता है। पराली को जलाने से रोकने के लिए जो टीमों को एटीआर मोबाइल एप का उपयोग करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। ताकि पराली जलाने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। हालांकि की किसान पराली न जलाएं इसको लेकर प्रशासन और पंजाब प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) की ओर से अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अक्टूबर में जिले में पराली जलाने के अब तक आठ मामले सामने आ चुके हैं।

पराली जलाने पर प्रशासन के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके साथ जमीन रिकॉर्ड में  रेड एंट्री दर्ज की गई है। ध्यान रहे कि जिस किसान के जमीन के रिकॉर्ड में लाल एंट्री दर्ज हो जाती है वे किसी भी सरकारी सुविधा या किसी संस्थान से ऋण के लिए योग्य नहीं रहता। प्रशासन की ओर से 2 एकड़ से कम खेत में आग लगने पर 2,500 का चालान किया जाता है। 2 से 5 एकड़ में जुर्माना 5,000 और 5 एकड़ से अधिक पर 15,000 का जुर्माना लगाया जाता है। डीसी मोहाली ईशा कालिया का कहना है कि किसान पराली न जलाए इसको लेकर लगातार जागरूकता अभियान जारी है। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। उम्मीद है कि पिछले सालों की तुलना में इस साल पराली जलाने के मामलों में कमी आएगी।

जिला मोहाली में 2020 में, 35 किसानों पराली जलाने पर  90,000 का जुर्माना लगाया गया था। 54 एफआइआर दर्ज की गईं थी। जबकि एक मामला एआईआर (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम की धारा 39 के तहत दर्ज किया गया था, अन्य 53 भारतीय दंड संहिता की धारा 188 (लोक सेवक द्वारा विधिवत आदेश की अवज्ञा) के तहत दर्ज किया गया था। 2019 में, 82 किसानों से 2.55 लाख जुर्माना वसूला गया था और सात किसानों पर मामले दर्ज किए गए थे। जिला प्रशासन ने पराली जलाने की निगरानी के लिए रैपिड रिस्पांस टीमों और गांव स्तर के नोडल अधिकारियों को तैनात किया है। प्रशानसन को 29 मामलों की जानकारी मिली, लेकिन 16 जगहों पर आग नहीं लगी। आठ जगहों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई है और पांच इलाकों में अभी तक जांच की जानी बाकी है। आठ मामलों में डेराबस्सी और खरड़ में दो किसानों पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया था, और एक किसान के भूमि रिकॉर्ड में एक रेड मार्क दर्ज की गई।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.