चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में मास्टर और लैंग्वेज काडर टीचर्स की एक बनेगी वरिष्ठता सूची, आदेश जारी

चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में कार्यरत मास्टर और लैंग्वेज काडर टीचर्स की वरिष्ठता सूची एक होगी। उसे अलग-अलग नहीं किया जा सकता। यह आदेश 23 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के निर्देशों की अनुपालना के तहत जारी किए।

Ankesh ThakurSat, 24 Jul 2021 04:21 PM (IST)
चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में कार्यरत मास्टर और लैंग्वेज काडर टीचर्स की सीनियोरिटी लिस्ट एक होगी।

सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में कार्यरत मास्टर और लैंग्वेज काडर टीचर्स की वरिष्ठता सूची एक होगी। उसे अलग-अलग नहीं किया जा सकता। यह आदेश 23 जुलाई को जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा डायरेक्टर स्कूल एजुकेशन के निर्देशों की अनुपालना के तहत जारी किए। आदेशों में कहा गया है कि 13 जुलाई 1992 के बाद भर्ती हुए सभी टीचर्स की एक ही वरिष्ठता सूची होगी उसे अलग-अलग नहीं किया जा सकता।

वर्ष 1993 तक चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में भर्ती किए जाने वाले लैंग्वेज टीचर्स के लिए डिप्लोमा और डिग्री अनिवार्य थी। उस समय बीएड को अनिवार्य नहीं किया गया था। 12वीं के बाद शास्त्री करने वाले को संस्कृत अध्यापक के तौर पर नियुक्त किया जाता था, जबकि ज्ञानी करने वाले को पंजाबी भाषा के अध्यापक की नियुक्ति दी जाती थी। इसी प्रकार से हिंदी, इंग्लिश, मैथ और साइंस विषय के लिए नियुक्त होने वाले अध्यापक के पास बीएड और बीए या फिर एमए की डिग्री अनिवार्य होती थी। उस समय दो अलग-अलग काडर में ज्वाइनिंग और वरिष्ठता सूची बनाई जाती थी।

पंजाब के मामले में हाई कोर्ट कर चुका है दखल अंदाजी

चंडीगढ़ शिक्षा विभाग से पहले पंजाब में वर्ष 2013 में इसी मामले को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट की शरण ली थी। जहां पर हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि लैंग्वेज और मास्टर काडर के अध्यापक का कार्य एक जैसा है तो दो अलग-अलग वरिष्ठता सूची क्यों। हाई कोर्ट ने दूसरी वरिष्ठता सूची को खत्म करते हुए टीचर्स की एक वरिष्ठता सूची तैयार करने के आदेश दिए थे। फरवरी 2020 में चंडीगढ़ शिक्षा विभाग ने पंजाब सर्विस रूल्स अडॉप्ट किए, जिसके अनुसार वरिष्ठता सूची को एक करने बात चली, लेकिन लैंग्वेज काडर के अध्यापकों की तरफ से लगातार विरोध किया जा रहा था। जिसमें हस्तक्षेप करते हुए शुक्रवार को विभाग ने आदेश जारी किए है।

लैंग्वेज के साथ म्यूजिक और वोकेशनल काडर के टीचर्स को भी किया एक

23 जुलाई को जारी जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश में लैंग्वेज काडर के साथ म्यूजिक और वोकेशनल काडर को भी एक ही वरिष्ठता सूची में शमिल कर दिया है। अब म्यूजिक, फाइन आर्टस से लेकर वोकेशनल काडर की प्रमोशन भी मास्टर काडर के अनुसार होगी। वह भी हेडमास्टर बन सकेंगे।

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