Lakhbir Murder Case: एससी आयोग के चेयरमैन विजय सांपला बोले- सिख धर्म के अनुसार हो लखबीर सिंह का भोग

Lakhbir Murder Case राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला ने जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पत्र लिखकर कुंडली बार्डर पर मारे गए लखबीर सिंह का अंतिम भोग सिख धर्म के अनुसार करने को कहा है ।

Kamlesh BhattTue, 19 Oct 2021 10:28 AM (IST)
राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला की फाइल फोटो।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के चेयरमैन विजय सांपला ने अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को पत्र लिखकर निवेदन किया है कि कुंडली बार्डर पर किसान संगठनों के धरनास्थल पर बेरहमी से कत्ल किए गए अनुसूचित जाति के लखबीर सिंह का भोग सिख धर्म अनुसार करवाया जाए। सांपला ने कहा, "आपको इसकी भी जानकारी होगी कि उसके अंतिम संस्कार पर कुछ लोगों खासकर सत्कार कमेटी द्वारा यह कहते हुए कि इसने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की है, उसके अंतिम संस्कार पर सिख मर्यादा अनुसार अरदास नहीं करने दी गई।"

पत्र के जरिए सांपला ने बताया कि वायरल वीडियो में कुछ लोग तड़पते हुए लखबीर सिंह के पास खड़े होकर बोल रहे हैं कि इसने बेअदबी की है, लेकिन सच तो यह है कि इस संबंध में अभी तक कोई भी वीडियो या फिर फोटो प्रमाण के रूप में सामने नहीं आया है, जिससे यह साबित हो सके कि अनुसूचित जाति के सिख ने बेअदबी की थी। सांपला ने कहा कि वीडियो जो सामने आए हैं उनमें से एक में जमीन पर पड़ा लखबीर सिंह बेरहमी से कटे हाथ के साथ कराहता दिख रहा है, दूसरे वीडियो में उसे संयुक्त किसान मोर्चा के मुख्य मंच के पास उल्टा टांगा गया है और तीसरे वीडियो में उसका शव बेरिकेड के साथ टांगा हुआ है।

जब तक पुलिस की जांच पड़ताल में यह साबित नहीं हो जाता कि उसने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की है तब तक लखबीर सिंह को दोषी नहीं माना जाना चाहिए। वैसे भी वायरल वीडियो में वहां खड़े निहंग सिख/लोग खुद बोल रहे हैं कि लखबीर सिंह सर्वलोह ग्रंथ की पोथी लेकर भाग रहा था, तो श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी कहां से हुई।

पंजाबभर में खासकर बार्डर के जिलों में बहुत सी संस्थाओं द्वारा धर्मांतरण की मुहिम चलाई जा रही है। जिससे अनुसूचित सिखों को विशेषतौर पर निशाने पर लेकर बड़ी संख्या में धर्मांतरण किया गया है और जोर-शोर से अभी भी किया जा रहा है। लखबीर सिंह की हत्या एवं उसके दाह संस्कार के दौरान अरदास न किए जाने देना और भोग की रस्म का भी विरोध करना जैसी घटनाएं अनुसूचित जाति के सिखों को और निराशा की तरफ धकेलती हैं और ऐसे व्यवहार के कारण पंजाब में धर्मांतरण की मुहिम को और तेजी मिलती है। विजय सांपला ने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब को अपील की है कि कुंडली बार्डर पर मौत का शिकार हुए लखबीर सिंह की अंतिम रस्में सिख धर्म रहित मर्यादा तहत किए जाने के अनुमति दी जाए।

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