Punjab Congress Tussle: पंजाब कांग्रेस में सीएम कैप्टन अमरिंदर के खिलाफ फिर बगावत, 40 विधायकों ने लिखा हाईकमान को पत्र

Punjab Congress Tussle पंजाब कांग्रेस में मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ विधायकाें ने बगावत कर दी है। पंजाब के करीब 40 कांग्रेस विधायकों ने सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ कांग्रेस हाईकमान को पत्र लिया है।

Sunil Kumar JhaThu, 16 Sep 2021 02:30 AM (IST)
पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो।

चंडीगढ़, [इन्‍द्रप्रीत सिंह]। Punjab Congress Tussle: मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ पंजाब कांग्रेस में एक बार फिर से बगावती स्वर तेज हो गए हैं। पंजाब में कांग्रेस के 80 में से 40 विधायकों ने आलाकमान को पत्र लिख है। विधायकों ने पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में जल्द से जल्द विधायक दल की बैठक बुलाने की मांग की है। इसके साथ ही यह भी कहा है कि इस बैठक में दो केंद्रीय पर्यवेक्षकों को भी भेजा जाए। उनके सामने ही विधायक अपनी बात रखेंगे।

पत्र में लिखा -दो केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में जल्द बुलाई जाए विधायक दल की बैठक

विधायक दल की बैठक बुलाने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर अविश्वास जताने वाले कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा अपने साथी तीन मंत्रियों और कुछ विधायकों को साथ लेकर बुधवार सुबह से ही कांग्रेस के अन्य विधायकों से सोनिया गांधी को लिखे गए पत्र पर हस्ताक्षर करवाते रहे। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम को कांग्रेस के प्रदेश महासचिव (संगठन) परगट सिंह और उसके बाद तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के आवास पर नेताओं में लंबी बातचीत का दौर चला। सूत्रों का कहना है कि इस बैठक में कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री पद से हटाने को लेकर बातचीत हुई। बैठक में शामिल विधायकों ने मुख्यमंत्री पर अविश्वास जताया है।

दिनभर चला बैठकों और विधायकों से पत्र पर हस्ताक्षर करवाने का दौर

गौरतलब है कि इससे पहले 25 अगस्त को भी इसी तरह की एक बैठक तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा के आवास पर हुई थी। इसमें चार मंत्रियों सहित 20 विधायकों ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ अविश्वास जताया था। यहां तक की चारों मंत्री और कुछ विधायक पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत से बात करने के लिए देहरादून और उसके बाद सोनिया गांधी से मिलने के लिए दिल्ली भी गए थे। लेकिन, सोनिया गांधी ने किसी को भी समय नहीं दिया और हरीश रावत को मामले को सुलझाने के लिए चंडीगढ़ भेजा था। यहां हरीश रावत ने विधायकों से अलग-अलग बात की।

हरीश रावत कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिद्धू से भी मिले थे और मुख्यमंत्री से भी उन्होंने बात की। अब कैप्टन अमरिंदर सिंह से नाखुश चल रहे खेमे ने परगट सिंह से उन विधायकों को मनाने के लिए कहा है जो 25 अगस्त की बैठक में तो शामिल थे लेकिन बाद में एकजुट नहीं रह पाए। पंजाब कांग्रेस में चल रहे अंतरकलह के बीच रावत के दौरान के दो सप्ताह बाद कांग्रेस में एक बार फिर बगावत के स्वर एक बार फिर हाईकमान की

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.