यूटी प्रशासन का हाई कोर्ट को जवाब, चंडीगढ़ में सिर्फ 11 वेंटिलेटर ही खाली

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चंडीगढ़ प्रशासन गंभीर है और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि शहर के तीनों बड़े अस्पतालों पीजीआइ जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच -16 में कोविड मरीजों के लिए 121 और बेड बढ़ाए गए हैं।

JagranWed, 05 May 2021 07:03 AM (IST)
यूटी प्रशासन का हाई कोर्ट को जवाब, चंडीगढ़ में सिर्फ 11 वेंटिलेटर ही खाली

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर चंडीगढ़ प्रशासन गंभीर है और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि शहर के तीनों बड़े अस्पतालों पीजीआइ, जीएमसीएच-32 और जीएमएसएच -16 में कोविड मरीजों के लिए 121 और बेड बढ़ाए गए हैं। वहीं पीयू के इंटरनेशनल हॉस्टल में सेना की मदद से 100 बेड का अस्थायी कोविड केयर हॉस्पिटल बनाया गया है। यह जानकारी चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट को दी है। अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी न हो इसके लिए कोशिशें जारी

चंडीगढ़ प्रशासन ने हाई कोर्ट को बताया कि सरकारी और निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। निजी अस्पतालों में यदि ऑक्सीजन की कमी होती है तो वह जीएमसीएच-16 के स्वास्थ्य अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। उनका नंबर सभी को दे दिया गया है। यह भी बताया गया है कि जिन्हें घर में ऑक्सीजन की जरूरत है, वह भी शहर में जोन के आधार पर संबंधित एसडीएम से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए जोन के आधार पर एक नंबर जल्द जारी कर दिया जाएगा, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय रहते मदद मिल सके। तीनों बड़े अस्पतालों में 865 कोविड बेड में से 771 फुल

हाई कोर्ट को बताया गया कि शहर के सभी अस्पतालों में 865 कोविड बेड हैं, जिनमें से 94 खाली हैं, 126 में से 11 वेंटिलेटर ही खाली हैं। शहर के सभी अस्पतालों में कोविड बेड बढ़ाए जा चुके हैं। पीजीआइ में 337 बेड की संख्या को बढ़ाकर अब 357 का दिया गया है। जीएमसीएच-32 के 155 बेड्स की संख्या को बढ़कर 261 और जीएमएसएच-16 में 200 बेड की संख्या को बढ़ाकर 240 किया जा चुका है। इसके अलावा शहर के इन तीनों बड़े अस्पतालों में कोविड बेड की संख्या 865 हो चुकी हैं। 771 बेड पर मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं शहर के अस्पतालों में 126 वेंटिलेटर हैं, जिनमें से 115 पर मरीजों का इलाज चल रहा है। पीजीआइ में करीब 1500 पद रिक्त

सीनियर एडवोकेट रुपिदर खोसला ने हाई कोर्ट को बताया कि अगर स्वास्थ्य सुविधाओं के आधार पर पीजीआइ की दिल्ली के एम्स से तुलना की जाए तो पीजीआइ में 1500 के करीब स्टाफ के पद खाली पड़े हैं इन्हें जल्द भरा जाए, ताकि 1500 की स्वास्थ्य सुविधाओं को औस बेहतर किया जा सके। अस्पतालों में स्टाफ की कमी, हालात से निपटने के लिए तत्काल भर्ती की जरूरत : कंग

वहीं चंडीगढ़ की डाइरेक्टर हेल्थ डा. अमनदीप कंग ने हाई कोर्ट को सौंपे अपने जवाब में अस्पतालों में स्टाफ की कमी का जिक्र किया है। बताया है कि मौजूदा हालात में उनके पास एक भी स्वास्थ्य कर्मी अतिरिक्त नहीं है। स्टाफ की भारी कमी है, ऐसे में स्टाफ की भर्ती बेहद जरूरी है और इसके लिए संबंधित अथॉरिटी से इजाजत ली जा रही है।

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