चंडीगढ़ में रावण दहन की मंजूरी नहीं, पटाखों पर भी रोक, सेक्टर-34 में खड़ा कर दिया 60 फीट ऊंचा रावण का पुतला

चंडीगढ़ में दशहरा पर रावण दहन की अभी तक मंजूरी नहीं मिली है। वहीं सेक्टर-34 में 60 फीट का रावण और 55 और 50 फीट के मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले तैयार किए जा चुके हैं जिन्हें बुधवार को दशहरा ग्राउंड में खड़ा कर दिया गया है।

Ankesh ThakurWed, 13 Oct 2021 04:33 PM (IST)
चंडीगढ़ में पटाखों पर रोक से रामलीला कमटियां नाराज हैं।

सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में आतिशबाजी पर रोक लगा दी है। ऐसे में शहर में दशहरा और दिवाली पर न पटाखे बिकेंगे और न ही चला सकेंगे। वहीं, दशहरा को दो दिन बचे हैं। सेक्टर-34 में होने वाले रावण दहन के लिए पुतले बनकर खड़े हो चुके हैं, लेकिन चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से पटाखों पर रोक के बाद रावण दहन करने वाली रामलीला कमेटियां प्रशासन के इस फैसले से खफा हैं।

सेक्टर-34 में 60 फीट का रावण और 55 और 50 फीट के मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले तैयार किए जा चुके हैं जिन्हें बुधवार को दशहरा ग्राउंड में खड़ा कर दिया गया है। सेक्टर-34 में रावण दहन करने वाली संयुक्त रामलीला संघ के सदस्यों का कहना है कि प्रशासन का फैसला पूरी तरह से गलत है, यदि पटाखे चलाने की परमिशन नहीं देनी थी तो हमें कारीगर बुलाने से पहले इस संबंध में आदेश जारी करना चाहिए था। अब पुतले बनकर तैयार हो चुके हैं। पुतलों को जलाने के लिए पटाखों की जरूरत है लेकिन प्रशासन प्रतिबंध लगा दिया है।

नहीं मिले सलाहकार और गृह सचिव

पटाखों पर प्रतिबंध लगने के बाद बुधवार को संयुक्त रामलीला संघ के अधिकारियों और कलाकारों ने सेक्टर-9 स्थित पहुंचकर सलाहकार धर्म पाल, गृह सचिव, सहित उपायुक्त से मिलकर बात करनी चाही लेकिन उन्हें मिलने की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद संघ के सदस्यों ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अरुण सूद से भी मुलाकात की है। सभी से मुलाकात करने के बाद संयुक्त रामलीला संघ 14 अक्टूबर को प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी कर रहा है। संयुक्त रामलीला कमेटी के सदस्यों की माने तो पुतले बनाने के लिए दिल्ली से कारीगरों को बुलाया गया था। इसके लिए हमारे पैसे लगे है लेकिन यदि हम पुतले जलेंगे नहीं तो पैसे खर्च करने का क्या फायदा होगा।

नियम सभी के लिए एक बराबर

सेक्टर-34 में रावण दहन की अनुमति एसडीएम साउथ की तरफ से दी जानी है। हालांकि यह इजाजत अभी तक नहीं मिली है। एसडीएम साउथ रूपेश अग्रवाल ने कहा कि प्रशासन के आला अधिकारियों के नियम सभी को मानने होंगे। जो आदेश मुझे हुए हैं मैं उन्हीं का पालन करूंगा। पटाखे जलाने या फिर आदेशों में मैं किसी भी प्रकार से कोई संशोधन नहीं कर सकता। इसके साथ ही रावण दहन से पर्यावरण में सिर्फ प्रदूषण बढ़ना है, यदि पटाखे नहीं जलेंगे तो वह ज्यादा बेहतर रहेंगे।

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