राहुल गांधी ने पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को दिल्ली बुलाया, मंत्रियों के नामों पर लग सकती है मुहर

राहुल गांधी ने पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को दिल्ली बुलाया है। दोनों के बीच आज ही बैठक होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि राहुल के साथ बैठक में बनने वाले नए मंत्रियों की सूची पर मुहर लग सकती है।

Kamlesh BhattThu, 23 Sep 2021 04:51 PM (IST)
चरणजीत सिंह चन्नी व राहुल गांधी की फाइल फोटो।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया है। दिल्ली में चन्नी की राहुल गांधी से मुलाकात होगी। उम्मीद जताई जा रही है कि इस बैठक में पंजाब मंत्रिमंडल में किस-किस को शामिल किया जाना है इस पर चर्चा होगी। मंत्रियों के नामों पर आज ही अंतिम मुहर लग सकती है। इसके अलावा पार्टी हाईकमान और भी कई अहम मुद्दों पर उनसे चर्चा कर सकता है।

बता दें, पार्टी हाईकमान पहले ही युवा चेहरों को तवज्जो देने की बात कह चुका है, इसलिए कैप्टन सरकार के कई मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कई चेहरे दिख सकते हैं। उधर, नेता प्रतिपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को चुनौती देते हुए कहा कि वह कैप्टन की कैबिनेट के 5 महादागी मंत्रियों पर केस दर्ज कर उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचाएं। चीमा ने कहा कि भले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह समेत उनकी पूरी कैबिनेट व अधिकांश कांग्रेसी विधायकों ने बादलों की तर्ज पर पंजाब और पंजाब के लोगों को खुलकर लूटा, लेकिन कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत, शाम सुंदर अरोड़ा, भारत भुषण आशू, बलबीर सिंह सिद्धू और राणा गुरमीत सिंह सोढी के खिलाफ तो सबूतों के बंडल सार्वजनिक हो चुके हैं।

चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी न केवल इन मंत्रियों के खिलाफ पंजाब सरकार और पंजाब के राज्यपाल से इन्हें बर्खास्त करने की मांग करती रही है, बल्कि इन मंत्रियों समेत पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के आवास का घेराव भी करती रही है, लेकिन कैप्टन अमरिंदर सिंह दागी मंत्रियों को अपनी कुर्सी के लिए बचाते रहे। इस कारण नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और कांग्रेस पार्टी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के लिए यह परीक्षा की घड़ी है कि वह पंजाब और पंजाब के हित के लिए इन भ्रष्ट मंत्रियों के खिलाफ केस दर्ज कर इन्हें सलाखों के पीछे भिजवाते हैं या नहीं।

हरपाल सिंह चीमा ने सरकारी दस्तावेजों को बतौर सबूत दिखाते हुए कहा कि कैबिनेट मंत्री साधू सिंह धर्मसोत ने पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप (वजीफा) में लगभग आठ करोड़ रूपये का घोटाला कर लाखों गरीब छात्रों से शिक्षा हासिल करने का अधिकार छीना है। उन्होंने कहा कि जहां पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारी कृपा शंकर सरोज ने मंत्री साधू सिंह धर्मसोत के खिलाफ जांच रिपोर्ट दी है। वहीं केंद्र सरकार और सीबीआइ ने भी कार्रवाई के लिए कैप्टन सरकार से संबंधित फाइलों की मांग की है। यहां तक की एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी दविंदर सिंह ने चंडीगढ़ पुलिस को शिकायत देकर साधू सिंह धर्मसोत के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की थी।

कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु पर भू-माफिया और मंडी माफिया से संबंध होने के आरोप लगाते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि आशु का नाम बाहरी राज्यों से सस्ती कीमतों पर धान और गेहूं लाकर पंजाब की मंडियों में बेचकर दस हजार करोड़ रूपये का घोटाला करने से घिरा हुआ है। चीमा ने कहा कि मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू भी करीब आठ करोड़ रुपये की कीमती नशा छुड़ाओ गोलियां गायब करने और मोहाली के बलौंगी में अरबों रूपये की शामलात भूमि गौशाला के नाम पर हड़पने जैसे भ्रष्टाचार के मामलों से घिरे हैं। चीमा ने कहा कि राणा गुरमीत सिंह सोढी सडक़ परियोजना समेत अन्यों के लिए सरकार से तीन बार मुआवजा हासिल कर चुके हैं और मंत्री शाम सुंदर अरोड़ा भी मोहाली में 31 एकड़ भूखंड आवंटन में लगभग साढ़े चार सौ करोड़ रुपये के आवंटन घोटाले से घिरे हैं।

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