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दैनिक जागरण के फेसबुक पेज पर आज दोपहर 12 बजे पूछे हरियाली से जुड़े सवाल

दैनिक जागरण के फेसबुक पेज पर आज दोपहर 12 बजे पूछे हरियाली से जुड़े सवाल
Publish Date:Thu, 16 Jul 2020 10:56 PM (IST) Author: Jagran

बलवान करिवाल, चंडीगढ़ : हरे-भरे पेड़ केवल दिखने में अच्छे नहीं लगते, बल्कि यह बड़े स्तर पर प्रदूषण के कणों को सोख कर इसे नियंत्रित करते हैं। पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने आर्किटेक्ट्स की जो टीम चंडीगढ़ डेवलप करने के लिए अप्वाइंट की थी, उसमें एल्बर्ट मेयर को खुला शहर डिजाइन करने के लिए कहा था। जिसके बाद आइएएस एएल फ्लैचर ने गार्डन ऑफ सिटी के कन्सेप्ट पर चंडीगढ़ को डेवलप कराने का फैसला लिया। जिसमें सिर्फ बिल्डिंग, सड़कें और इंफ्रास्ट्रक्चर न हो, ग्रीनरी और गार्डन को भी बराबर स्पेस मिले। इसी कन्सेप्ट पर आर्किटेक्ट ली कार्बूजिए ने चंडीगढ़ को डिजाइन करते समय पेड़ों और ग्रीनरी के लिए जगह छोड़ी। चंडीगढ़ सबसे अधिक कारों के घनत्व वाला शहर है। बावजूद इसके यहां प्रदूषण का स्तर सभी मेट्रो सिटी और प्रमुख शहरों से कम रहता है। ग्रीनरी को बढ़ाने के लिए फॉरेस्ट डिपार्टमेंट दिन रात जुटा है। डिपार्टमेंट कैसे काम कर रहा है और लोग शहर को हरा-भरा रखने ग्रीनरी बचाने में कैसे सहयोग कर सकते हैं, चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट देबेंद्र दलाई दैनिक जागरण चंडीगढ़ के फेसबुक पेज से लाइव जुड़कर शुक्रवार को यह जानकारी देंगे। रेजिडेंट्स उनसे लाइव सवाल भी पूछ सकते हैं। दिल्ली-एनसीआर के मुकाबले साफ है चंडीगढ़ की हवा

चंडीगढ़ की हवा दिल्ली एनसीआर एरिया से हमेशा साफ रहती है। नवंबर, दिसंबर में जब दिल्ली की हवा में प्रदूषण के विषैले कण फैलने से एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआइ) बेहद खराब स्थिति में 700 तक पहुंच जाता है। उस समय भी चंडीगढ़ का एक्यूआइ 150 से 300 तक रहता है। अब जब रोजाना बरसात होने से एक्यूआई बेहतर है उस समय भी चंडीगढ़ के मुकाबले दिल्ली में यह दोगुना है। वीरवार सुबह 11 बजे चंडीगढ़ का एक्यूआइ 46 तो नई दिल्ली का 74 रहा। वहीं, शाम पांच बजे चंडीगढ़ का 51 तो दिल्ली का 71 रहा। प्रदूषण को नियंत्रित करने में यहां के पेड़-पौधे ग्रीन कवर ढाल बन रहे हैं। चंडीगढ़ देश का इकलौता ऐसा शहर है, जिसके कुल भौगोलिक क्षेत्र का 46 फीसद ग्रीन कवर है। अधिकतर शहरों का ग्रीन कवर अर्बनाइजेशन की वजह से कम हो जाता है। लेकिन चंडीगढ़ का ग्रीन कवर बढ़ा है। इसे और बढ़ाने व सुरक्षित करने के लिए प्रयास हो रहे हैं। इन दिनों वन महोत्सव के दौरान बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चल रहा है। अच्छी प्रजाति के पौधे लगाए जा रहे हैं। फॉरेस्ट एरिया में बड़े साइज के पौधे लगाए जा रहे हैं। इस बार पौधारोपण अभियान से पैरामिलिट्री फोर्स भी जुड़ी हैं। ज्यादा से ज्यादा पौधारोपण हो, इसलिए निशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

-देबेंद्र दलाई, चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट, चंडीगढ़

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