चंडीगढ़ पीयू में बढ़ते मामलों के लेकर पुटा ने चांसलर को लिखा पत्र, प्रोफेसर, कर्मियों व रिसर्च स्कॉलर को वैक्सीनेशन की मांग रखी

पीयू में बढ़ते मामलों के लेकर पुटा ने चांसलर को पत्र लिखा है।

पीयू में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए पुटा ने पीयू चांसलर को पत्र लिखा है जिसमें कैंपस में 50 से अधिक कोरोना के मामले आने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं किए जाने का जिक्र किया है। पुटा ने पत्र में कई दूसरे मुद्दे भी रखे हैं।

Vinay KumarWed, 12 May 2021 03:54 PM (IST)

चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब यूनिवर्सिटी में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों के बाद भी पीयू प्रशासन द्वारा वैक्सीनेशन को लेकर कोई खास इंतजाम नहीं किए जाने को लेकर पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर एसोसिएशन (पुटा) ने मामले में पीयू चांसलर को पत्र लिखा है, जिसमें पीयू कैंपस में बीते कुछ ही दिनों में 50 से अधिक कोरोना के मामले आने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं किए जाने का जिक्र किया है। पुटा की ओर से लिखे गए पत्र में चांसलर के सामने कई दूसरे मुद्दे भी रखे हैं । पुटा प्रेसिडेंट डॉ मृत्युंजय कुमार और सेक्रेटरी डॉक्टर अमरदीप सिंह नौरा की ओर से लिखी गई चिट्ठी में कहा गया है कि पीयू कैंपस में लगातार करो ना संक्रमण बढ़ रहा है, ऐसे में सभी प्रोफेसर कर्मचारियों और रिसर्च स्कॉलर की तुरंत वैक्सीनेशन की जाए। इस मामले में पीयू कुलपति और अन्य अधिकारियों को भी पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई विशेष ध्यान नहीं दिया गया है। पीयू कैंपस में कोरोना से हालात लगातार खराब हो रहे हैं। उधर पुटा ने चांसलर को लिखे पत्र में कहा है कि पीयू प्रशासन हॉस्टलर को जबरदस्ती निकालने का फरमान भी जारी कर चुका है। पीयू के रिसर्च स्कॉलर की बीते डेढ़ साल में पढ़ाई का काफी नुकसान हो चुका है। ऐसे में पीयू प्रशासन स्टूडेंट्स की सुरक्षा के साथ ही उनकी पढ़ाई का भी ध्यान रखे।

हॉस्टल खोलने पर सहमति नहीं पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस में बीते कई दिनों से छात्र संगठन और पीयू प्रशासन के बीच तनाव जारी है। पीयू प्रशासन ने 7 मई को निर्देश जारी कर सभी हॉस्टलर को 12 मई तक हॉस्टल खाली करने के निर्देश जारी कर दिए ।इस फैसले के खिलाफ स्टूडेंट फॉर सोसायटी और अन्य छात्र संगठनों ने विरोध प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। छात्र नेताओं का कहना है कि रिसर्च स्कॉलर की पहले ही पढ़ाई काफी खराब हो चुकी है। ऐसे में हॉस्टल में रहने की अनुमति दी जाए, ताकि वह कैंपस में रहकर अपने रिसर्च वर्क को समय से पूरा कर सकें। लेकिन पीयू प्रशासन ने यूटी प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का हवाला देते हुए सभी हॉस्टलर को हॉस्टल खाली करने को कहा है। इस मामले को लेकर बुधवार को पीयू अधिकारियों और छात्र नेताओं के बीच मीटिंग भी हुई। लेकिन उसमें कोई अंतिम नतीजा नहीं निकल सका पीयू के विभिन्न हॉस्टल में अभी भी 400 से छात्र-छात्राएं रह रहे हैं। स्टूडेंट के खाने के लिए एक मैस बॉयज हॉस्टल और दूसरी मैस गर्ल्स हॉस्टल में खोली गई है।

सभी बिल्डिंग को किया सैनिटाइज

पीयू कैंपस में कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद प्रशासन ने बुधवार से सभी प्रमुख बिल्डिंग की सैनिटाइजेशन का काम शुरू कर दिया है। पीयू प्रशासन ने 12 से 16 तारीख तक प्रशासनिक ब्लॉक, पत्राचार विभाग बिल्डिंगों को बंद करने का फैसला लिया है। इन बिल्डिंग में कई कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव आ चुके हैं।

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