पीयू के पूर्व वीसी प्रो. अरुण ग्रोवर बोले- सिंडिकेट सदस्यों का व्यवहार हमेशा से ही बुरा रहा है

पूर्व वाइस चांसलर प्रो. अरुण ग्रोवर जानकारी देते हुए।

मंगलवार को प्रो. ग्रोवर ने पूर्व पुटा प्रेसिडेंट प्रो. मोहम्मद खालिद को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने सीनेट और सिंडिकेट दोनों सदनों पर जम कर हमला बोला। पत्र में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सीनेट और सिंडिकेट सदस्यों के व्यवहार और मनमर्जी को उजागर किया।

Publish Date:Wed, 25 Nov 2020 08:24 AM (IST) Author: Vinay Kumar

चंडीगढ़ [वैभव शर्मा]। पंजाब यूनिवॢसटी में बीते सोमवार को सिंडिकेट सदस्यों द्वारा वाइस चांसलर आफिस में किए गए व्यवहार के बाद पूर्व वाइस चांसलर प्रो. अरुण ग्रोवर ने भी मोर्चा खोल लिया है। मंगलवार को प्रो. ग्रोवर ने पूर्व पुटा प्रेसिडेंट प्रो. मोहम्मद खालिद को एक पत्र लिखा। इस पत्र में उन्होंने सीनेट और सिंडिकेट दोनों सदनों पर जम कर हमला बोला। पत्र में उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सीनेट और सिंडिकेट सदस्यों के व्यवहार और मनमर्जी को उजागर किया। उन्होंने कहा कि सिंडिकेट सदस्यों का व्यवहार हमेशा से ही बुरा रहा है। जब उन्होंने वर्ष 2013 में वीसी का कार्यभार संभाला था, उनकी पहली सिंडिकेट बैठक में ही इसका खुलासा हो गया था। उन्होंने पत्र में इस बात का भी जिक्र किया कि कैसे उन्हें एक्सटेंशन मिलने के बाद सीनेट और सिंडिकेट सदस्यों ने मानसिक प्रताड़ित किया।

बिना एजेंडा सिंडिकेट बैठक आयोजित करने का बनाया था दवाब

प्रो. ग्रोवर ने 21 सितंबर 2013 को आयोजित सिंडिकेट का जिक्र करते हुए कहा कि इस बैठक में सिंडिकेट सदस्यों की मनमानी खुल कर सामने आई। उस बैठक में सिंडिकेट के सदस्य एजेंडा पत्रों के बिना ही पहुंचे। उनमें से एक ने बैठक की शुरुआत को बाधित करने की कोशिश की। सके बाद सिंडिकेट सदस्यों की राजनीति खुल कर सामने आई।

बैठकों की वीडियोग्राफी करने पर जताई आपत्ति

8 अक्टूबर, 2013 एक बार फिर से बैठक बुलाई गई। इसमें बैठक की वीडियोग्राफी को लेकर हंगामा हुआ। कैमरा सीनेट से बिना किसी मंजूरी लिए के बंद कर दिया गया। प्रो. ग्रोवर ने आरोप लगाए कि सिंडिकेट सदस्यों ने उन्हेंं हर प्रकार से मानसिक प्रताडि़त किया। सीनेट और सिंडिकेट चाहते है कि वाइस चांसलर उनकी मर्जी से चले। इस बैठक के बाद तत्कालीन वीसी प्रो. ग्रोवर ने जनवरी 2014 तक कोई बैठक नहीं बुलाई।

गाली गलौज की वीडियो भेजी दिल्ली

एक सिंडिकेट बैठक में सिंडिकेट सदस्यों द्वारा गाली गलौज की गई थी, जिसकी वीडियों रिकार्डिंग उन्होंने नई दिल्ली चांसलर आफिस भेजा। इस बात को लेकर सिंडिकेट सदस्यों ने प्रो. ग्रोवर का काफी टॉर्चर किया था।

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