हरीश रावत ने कहा- पंजाब में सिद्धू के नेतृत्व में लड़ेंगे 2022 का चुनाव, सुनील जाखड़ बोले- ऐसा बयान गलत

पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत के बयान कि अगला चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़ा जाएगा इस पर सुनील जाखड़ ने आश्चर्य जताया है। कहा कि नए सीएम के शपथ ग्रहण से पहले ऐसा बयान चौकाने वाला है।

Kamlesh BhattMon, 20 Sep 2021 11:18 AM (IST)
पूर्व पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ की फाइल फोटो।

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि 2022 का विधानसभा चुनाव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। रावत के इस बयान से राजनीतिक बवाल मच गया है। शिरोमणि अकाली दल के विधायक पवन टीनू का कहना है कि मुख्यमंत्री बनने से पहले ही कांग्रेस ने चन्नी को पूर्व मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी कर ली।

वहीं, रावत के इस बयान पर पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने कहा कि यह मुख्यमंत्री के अधिकारों का हनन है। रविवार को मुख्यमंत्री की दौड़ में सबसे आगे चल रहे सुनील जाखड़ ने कहा कि हरीश रावत पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन उनके बयान की टाइमिंग बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि नए मुख्यमंत्री ने अभी शपथ भी नहीं ली और प्रदेश प्रभारी ने कह दिया कि अगला चुनाव कांग्रेस के प्रदेश प्रधान के नेतृत्व में लड़ा जाएगा।

On the swearing-in day of Sh @Charnjit_channi as Chief Minister, Mr Rawats’s statement that “elections will be fought under Sidhu”, is baffling. It’s likely to undermine CM’s authority but also negate the very ‘raison d’être’ of his selection for this position.

जाखड़ ने कहा, हरीश रावत ने पहले कहा कि 2022 के चुनाव सोनिया गांधी और राहुल गांधी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। बाद में उन्होंने बयान दिया कि चुनाव कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। अब वह कह रहे हैं कि चुनाव प्रदेश प्रधान के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। अहम बात यह है कि रावत के बयान और जाखड़ के पलटवार से कांग्रेस हाईकमान में भी खलबली मच गई।

पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी इस मामले में हरीश रावत से बात की। बाद में सुरजेवाला ने कहा कि उनके बयान को गलत ढंग से पेश किया गया। बता दें, हरीश रावत ने पूर्व में कहा था कि कांग्रेस की एक प्रथा है कि जिस राज्य में पार्टी की सरकार होती है वहां पर मुख्यमंत्री के नेतृत्व में ही चुनाव लड़ा जाता है। वहीं, रावत के बयान पर शिरोमणि अकाली दल ने भी हमला किया। पार्टी के दलित विधायक पवन टीनू ने कहा कि कांग्रेस ने दलित मुख्यमंत्री के शपथ लेने से पहले ही उस पर पूर्व मुख्यमंत्री होने पर मोहर लगा दी है। इससे स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस ने चन्नी को पार्ट टाइम मुख्यमंत्री बनाया है। क्योंकि कांग्रेस में कुर्सी की जो लड़ाई चल रही थी उसे कुछ समय के लिए शांत किया जा सके।

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