किसानों को हरियाणा-दिल्‍ली में आंदोलन करने की बात पर पंजाब के सीएम कैप्‍टन अमरिंदर की सफाई, कहा- अपील काे सियासी रंग देना गलत

Kisan Andolan पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने किसान आंदोलन पर अपने बयान को लेकर सफाई दी है। कैप्‍टन ने दाे दिन पहले कहा था कि किसान दिल्‍ली व हरियाणा में आंदोलन करें और पंजाब में धरना न दें। उन्होंने कहा कि बयान को सियासी रंग देना दुभार्ग्‍यपूर्ण है।

Sunil Kumar JhaWed, 15 Sep 2021 09:20 AM (IST)
पंजाब के सीएम कैप्‍टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Kisan Andolan:  पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसान आंदोलन हरियाणा और दिल्‍ली में करने के बारे में दिए गए अपने बयान को लेकर सफाई दी है। उन्‍होंने कहा कि इस बयान को गलत रूप में लिया गया और इसे सियासी रंग देना दुर्भाग्‍यपूर्ण है। बता दें कि कैप्‍टन अमरिंदर ने दाे दिन पहले कहा था कि किसान अपना आंदोलन हरियाणा और दिल्‍ली में करें। पंजाब में धरना देकर राज्‍य की आर्थिकता को नुकसान न पहुंचाएं। पंजाब में 113 जगहों पर धरना देना गलत है और इसे खत्‍म करें।

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि तीन कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ संघर्ष कर रहे किसानों की ओर से पंजाब में किए जा रहे प्रदर्शनों से लोगों को हो रही परेशानी को समझने के बजाए उनके विचारों को राजनीतिक रंगत देना दुर्भाग्यपूर्ण है। संयुक्त किसान मोर्चे की ओर से कैप्टन की टिप्पणी की आलोचना करने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार के समर्थन के बावजूद किसानों ने उनकी अपील का गलत अर्थ निकालकर अगले विधानसभा चुनाव से जोड़ने की कोशिश की है। जबकि सभी किसान केंद्र व हरियाणा की भाजपा सरकार के बुरे व्यवहार से पीडि़त हैं।

कैप्टन ने कहा कि पंजाब सरकार ने तो इन कानूनों के प्रभाव घटाने के लिए विधानसभा में संशोधन बिल भी पास किया है। इसे राज्यपाल की ओर से राष्ट्रपति को सहमति के लिए नहीं भेजा जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। कैप्टन ने कहा कि इन हालातों में पंजाब के लोगों के लिए कठिनाइयां पैदा करना जायज नहीं है।

मुख्यमंत्री ने संयुक्त मोर्चे की ओर से किसानों के संघर्ष से पंजाब में कोई प्रभाव नहीं पड़ने के दावे को खारिज करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों व यहां की अर्थव्यवस्था पर इसका बुरा प्रभाव पड़ रहा है। कैप्टन ने चेतावनी दी कि अगर हालात न बदले तो हम (पंजाब) निवेश, राजस्व और रोजगार के अवसर गंवा देंगे। इससे पंजाब सरकार को बड़ी चोट पहुंचेगी।

कहा- अदाणी और अंबानी के हित नहीं हो रहे प्रभावित

कैप्टन ने कहा कि अदाणी या अंबानी के हित इस संघर्ष से प्रभावित नहीं हो रहे क्योंकि अदाणी की कुल संपत्ति में से केवल 0.8 फीसद व रिलायंस समूह की केवल 0.1 फीसद संपत्ति ही पंजाब में है। प्रदर्शनों के कारण एफसीआइ व राज्य की एजेंसियों के स्टाक को उठाने में रुकावट आने से अनाज भंडारण व खरीद की स्थिति गंभीर बनी हुई है। अकेले मोगा में एफसीआइ का अदाणी साइलो में 480 करोड़ रुपये का भंडार पड़ा है।

 

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