पंजाब भाजपा अब खुलकर आएगी मैदान में, हाईकमान ने नेताओं से कहा- अब कोई तर्क नहीं चलेगा

Punjab BJP पंजाब में भाजपा अब कृषि कानूनाें पर किसानों के विरोध के बावजूद मैदान में खुलकर उतरेगी। भाजपा हाईकमान और उच्‍च नेताओं ने पंजाब के पार्टी नेताओं से खुलकर मैदान में आ जाएं और अब कोई तर्क नहीं चलेगा।

Sunil Kumar JhaWed, 16 Jun 2021 10:19 PM (IST)
पंजाब में भाजपा अब खुलकर मैदान में आएगी। (सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़, [कैलाश नाथ]। पंजाब भाजपा अब मैदान में खुलकर सामने आएगी। पार्टी आलाकमान ने पंजाब के नेताओं ने साफ कहा है कि अब खुलकर मैदान में आ जाएं। अब पार्टी की प्रदेश इकाई का किसान संगठनों के विरोध या किसानों से टकराव से बचने का तर्क नहीं चलेगा।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब भाजपा के नेताओं को स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव नजदीक आ गए हैं। इसलिए भाजपा को अपने संगठन को मजबूत करने व चुनाव की तैयारियों में जुट जाना चाहिए। इसके साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने यह संकेत भी दे दिए हैं कि तीन कृषि सुधार कानूनों को लेकर जो स्थिति है वह फिलहाल यथावत ही रहेगी। इसलिए प्रदेश भाजपा को 2022 के चुनाव पर फोकस करना चाहिए।

किसानों के विरोध व टकराव से बचने के लिए भाजपा की गतिविधियां थी शिथिल

पार्टी ने प्रदेश को 21 जून से 31 जून के बीच में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक बुलाने के लिए भी कहा है जोकि वर्चुअल होगी। परंतु इसके बाद एक से 15 जुलाई तक जिला कार्यकारिणी और 15 से 31 जुलाई तक विधानसभा स्तर पर बैठकें आफलाइन होंगी।

सूत्रों के अनुसार केंद्रीय और प्रदेश भाजपा नेताओं की बैठक में मंगलवार को किसान संगठनों का मुद्दा उठा परंतु केंद्रीय लीडरशिप ने इस पर कोई ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। केंद्रीय लीडरशिप का मुख्य फोकस संगठन को मजबूत करने व चुनाव की तैयारियों पर रहा।

तीन कृषि सुधार कानूनों को लेकर फिलहाल यथावत रहेगी स्थिति

बता दें कि कृषि सुधार कानून पास होने के बाद से ही भाजपा के नेताओं को किसान संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इस कारण एक तरफ जहां भाजपा की गतिविधियां शिथिल पड़ी हुई थीं वहीं अन्य पार्टियां अपनी गतिविधियां तेज कर चुकी हैं। विभिन्न मुद्दों को लेकर घोटाले के आरोप लगाकर शिरोमणि अकाली दल, बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी ने पंजाब सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। इसके विपरीत भारतीय जनता पार्टी धरातल पर दिखाई ही नहीं दे रही है।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार पार्टी हाईकमान ने इस बात को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति यथावत रहनी ही है तो भाजपा को आगे बढ़ने का रास्ता भी ढूंढ लेना चाहिए। यह सोचकर बैठे नहीं रहा जा सकता कि किसान भाजपा नेताओं का विरोध करेंगे।

वहीं दूसरी तरफ भाजपा की ओर से दलित मुख्यमंत्री का कार्ड खेलने के बाद से भाजपा के खिलाफ होने वाले विरोध प्रदर्शन की स्थिति में भी बदलाव आया है। क्योंकि इस एलान के बाद दलित राजनीति का रुख बदल गया है। पंजाब की राजनीति दलित मुद्दों पर केंद्रित होने लगी है। हालांकि इस सबके बावजूद भाजपा की गतिविधियां जमीनी स्तर पर दिखाई नहीं दे रही हैं।

अश्‍वनी शर्मा बोले- प्रदेश में भाजपा का संगठन मजबूत

भाजपा के प्रदेश प्रधान अश्वनी शर्मा ने कहा कि पार्टी का संगठन मजबूत है। भाजपा न सिर्फ सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी बल्की जीतेगी भी। पंजाब के लोगों के सामने बहुत कुछ स्पष्ट हो गया है। फिर चाहे वह कृषि सुधार कानूनों की बात हो या कैप्टन सरकार की कारगुजारी की बात। कांग्रेस केवल कुर्सी की लड़ाई में लगी हुई है। पंजाब के लोगों को सब दिख रहा है, 2022 में इस सबका हिसाब होगा।

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