चांसलर ऑफिस से PU सीनेट चुनाव कराने के निर्देश, 6 जुलाई से पहले जारी होगा चुनाव शेड्यूल

इसी महीने पीयू कुलपति की ओर से चांसलर ऑफिस को पूरी जानकारी देने के लिए कहा गया है। सब ठीक रहा तो जुलाई अंत या अगस्त में सीनेट चुनाव संभव हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी की गवर्निंग बाॅडी सीनेट का कार्यकाल बीते करीब नौ महीने पहले ही खत्म हो चुका है।

Pankaj DwivediWed, 16 Jun 2021 02:41 PM (IST)
सीनेट चुनाव को लेकर पीयू प्रशासन ने फिर से तैयारी शुरू कर दी है। सांकेतिक चित्र।

चंडीगढ़, [डाॅ. सुमित सिंह श्योराण]। पंजाब यूनिवर्सिटी की सुप्रीम बाॅडी सीनेट में बदलाव को लेकर तो अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है, लेकिन सीनेट चुनाव को लेकर पीयू प्रशासन ने फिर से तैयारी शुरू कर दी है। सूत्रों के अनुसार पीयू चांसलर ऑफिस की ओर से इस संबंध में सख्त निर्देश मिल चुके हैं। चुनाव से जुड़े अधिकारी इन दिनों विभिन्न फैकल्टी चुनावों को लेकर नए सिरे से चुनाव का शेड्यूल तैयार करने में जुटे हुए हैं।

सूत्रों की माने तो पूरे शेड्यूल को लेकर इसी महीने पीयू कुलपति की ओर से चांसलर ऑफिस को पूरी जानकारी देने के लिए कहा गया है। सब ठीक रहा तो जुलाई अंत या अगस्त में सीनेट चुनाव संभव हैं। पंजाब यूनिवर्सिटी की गवर्निंग बाॅडी सीनेट का कार्यकाल बीते करीब नौ महीने पहले ही खत्म हो चुका है। लेकिन अभी तक नई सीनेट का गठन नहीं हो पाया है। सीनेट चुनाव को लेकर पीयू प्रशासन, सीनेट सदस्यों के बीच लगातार घमासान चल रहा है। नौबत यहां तक आ पहुंची कि सीनेट के पूर्व सात सदस्यों ने मिलकर मामले में हस्तक्षेप के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा है। 

6 जुलाई से पहले शेड्यूल की तैयारी  

सीनेट चुनाव नहीं करवाए जाने को लेकर पीयू प्रशासन को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से काफी फटकार लग चुकी है। लेकिन कोरना महामारी के कारण दो बार सीनेट चुनाव स्थगित करना पड़ा है। बीती सुनवाई में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पूरे मामले में 6 जुलाई को स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। कोरोना संक्रमण के मामले लगातार कम हो रहे हैं। कई राज्यों में पंचायत और नगर पालिका जैसे चुनावों को मंजूरी मिल चुकी है। एेसे में पीयू सीनेट चुनाव का रास्ता भी अब साफ होता लग रहा है। सूत्रों के अनुसार पीयू प्रशासन छह जुलाई को कोर्ट में सीनेट चुनाव का शेड्यूल हर हाल में दे देगा। 

सीनेट के बिना रुक गए सभी काम 

पीयू सीनेट की मंजूरी के बाद ही पीयू में सभी तरह के एकेडमिक या दूसरे काम हो सकते हैं। बीते नौ महीनों से किसी भी तरह के प्रस्तावों पर पीयू मुहर नहीं लगा सका है। शिक्षकों की प्रमोशन से लेकर किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिली है। हालात एेसे ही रहे तो पीयू स्टूडेंट्स को भी काफी नुकसान होने की उम्मीद है। डीन और सिंडिकेट का कार्यकाल भी खत्म होने से भी अधिकतर फाइलें क्लीयर होने के इंतजार में पड़ी हैं। 

26 अप्रैल के चुनाव को किया था स्थगित 

हाईकोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद पीयू प्रशासन ने 10 अप्रैल को सीनेट चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया था। फैकल्टी की छह सीटों के लिए पहला चुनाव 26 अप्रैल को तय हुआ था। लेकिन 3 दिन पहले ही पीयू प्रशासन ने कोविड-19 से शहर में बिगड़ी स्थिति का हवाला देते हुए चुनाव को पोस्टपोन करने का फैसला लिया और अगली तारीख 19 मई तय कर दी। लेकिन कोरोना के अधिक मामले आने के कारण बाद में 19 मई का चुनाव भी स्थगित करना पड़ा था। प्रोफेसर, प्रिंसिपल सहित ग्रेजुएट चुनाव क्षेत्र के मतदान को भी बाद में कैंसिल करना पड़ा था। इस संबंध में पीयू प्रशासन ने हाईकोर्ट में कोरोना महामारी का हवाला देते हुए चुनाव स्थगित करने और पंजाब सरकार की ओर से अनुमति नहीं दिए जाने का हवाला दिया था। 

 

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