पीयू में नॉन टीचिग स्टाफ प्रमोशन के ड्राफ्ट रोस्टर पर बवाल, वीसी, रजिस्ट्रार को भेजा लीगल नोटिस

पंजाब यूनिवर्सिटी में नॉन टीचिग के ए और बी क्लास पदों पर प्रमोशन में रिजर्वेशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

JagranTue, 08 Jun 2021 07:54 AM (IST)
पीयू में नॉन टीचिग स्टाफ प्रमोशन के ड्राफ्ट रोस्टर पर बवाल, वीसी, रजिस्ट्रार को भेजा लीगल नोटिस

डा. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़

पंजाब यूनिवर्सिटी में नॉन टीचिग के ए और बी क्लास पदों पर प्रमोशन में रिजर्वेशन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पीयू प्रशासन ने रिजर्व कैटेगरी के तहत इन पदों पर प्रमोशन को लेकर ड्राफ्ट रोस्टर तैयार कर दिया है। रोस्टर को पंजाब यूनिवर्सिटी ने वेबसाइट पर जारी कर दिया है और ड्राफ्ट को लेकर दस दिन में कर्मचारियों से आपत्ति मांगी हैं। पीयू प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ विरोध शुरू हो गया है।

पीयू नॉन टीचिग की एक एसोसिएशन इस फैसले के हक में है तो दूसरी इस फैसले का कड़ा विरोध कर रही है। नए रोस्टर के तहत पीयू के रिजर्व कैटेगरी के तहत भर्ती क्लर्क से लेकर डिप्टी रजिस्ट्रार तक को प्रमोशन में रिजर्वेशन मिलेगी। उधर पंजाब यूनिवर्सिटी जनरल कैटेगरी (वेलफेयर) एसोसिएशन ने इस फैसले का विरोध करते हुए पीयू कुलपति और रजिस्ट्रार को मामले में लीगल नोटिस भेजा है। ऐसे में पीयू में आने वाले दिनों में पूरे मामले में हंगामा होने की पूरी संभावना है।

रिजर्व कैटेगरी में प्रमोशन के रोस्टर को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है, पीयू प्रशासन के सामने रोस्टर को लागू नहीं करने की स्थिति में यूजीसी की ग्रांट तक रुकने की स्थिति पैदा हो रही थी। ऐसे में पीयू प्रशासन ने आनन फानन में प्रमोशन के रोस्टर को लेकर यूआइइटी विभाग की पूर्व डायरेक्टर प्रो.रेणू विज की अध्यक्षा में कमेटी गठित की जिसने अपनी रिपोर्ट सौंप दी। पीयू ने अब ड्राफ्ट रोस्टर को वेबसाइट पर जारी कर आपत्ति दर्ज करने के लिए सिर्फ दस दिन का समय दे दिया।

फैसले का विरोध कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि इतने बड़े फैसले को लागू करने से पहले सभी हेड्स से उनकी राय ली जानी चाहिए। इस मामले में अखबारों के माध्यम से बड़े स्तर पर लोगों को जानकारी दी जानी चाहिए। नए रोस्टर सिस्टम का असर पीयू के साथ ही रीजनल सेंटर के कर्मचारियों पर भी पड़ेगा। पीयू कैंपस में इस समय 2500 के करीब रेगुलर नॉन टीचिग ए और बी क्लास कर्मचारी हैं। प्रमोशन रोस्टर डी क्लास पर भी लागू करने की तैयारी है।

सीनेट-सिडिकेट की मंजूरी के बिना कैसा रोस्टर

पंजाब यूनिवर्सिटी में प्रशासनिक या एकेडमिक किसी भी नए फैसले को लागू करने से पहले सुप्रीम बॉडी सिडिकेट और सीनेट से अप्रूवल अनिवार्य है। लेकिन इस समय पीयू में दोनों ही बॉडी का कार्यकाल खत्म हो चुका है। पीयू कुलपति और रजिस्ट्रार को जारी लीगल नोटिस में इस बात का जिक्र किया गया है कि बिना सीनेट अनुमति प्रमोशन रोस्टर कैसे लागू हो सकता है।

यह है मामला

नए प्रमोशन रोस्टर के तहत पीयू प्रशासन के नॉन टीचिग स्टॉफ को प्रमोशन में भी रिजर्वेशन दी जाएगी। अभी तक सिर्फ नियुक्ति के समय यह लाभ मिलता था। पीयू प्रशासन के इस फैसले से मेरिट और सीनियोरटी में ऊपर कई कर्मचारियों और अधिकारियों की प्रमोशन पर असर पड़ेगा। नए प्रमोशन रोस्टर पर आने वाले दिनों में प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव होना तय माना जा रहा है। पीयू प्रशासन के फैसले को कोर्ट में भी चैलेंज करनी की तैयारी है।

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