प्रोफेसरों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

शहर के टेक्निकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की रिटायरमेंट उम्र 58 से 65 किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है।

JagranSat, 21 Aug 2021 08:11 AM (IST)
प्रोफेसरों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ने का मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

डा. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़ : शहर के टेक्निकल कॉलेजों में पढ़ाने वाले प्रोफेसर की रिटायरमेंट उम्र 58 से 65 किए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के इस संबंध में सुनाए गए आदेश के खिलाफ यूटी प्रशासन सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर बड़ा फैसला आ सकता है।

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट ने मार्च 2021 में सेक्टर-10 स्थित गवर्नमेंट कॉलेज के प्रोफेसर केएस साही की याचिका पर अहम फैसला सुनाते हुए शिक्षक की रिटायरमेंट पर रोक लगा दी थी। प्रो. साही की रिटायरमेंट पार्टी होने के बाद भी उन्हें घर से बुलाकर ज्वाइनिग दे दी गई। मामले में यूटी प्रशासन ने हाई कोर्ट के फैसले की अवहेलना करते हुए पांच महीने तक प्रो. साही को वेतन ही जारी नहीं किया। इसके बाद याची ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। 10 अगस्त को मामले में हाई कोर्ट ने तुरंत प्रो. साही का वेतन जारी करने के आदेश जारी कर दिए।

इससे पहले हाई कोर्ट ने शहर के सभी टेक्निकल कॉलेजों में यूजीसी और एआइसीईटी नियमों को लागू कर रिटायरमेंट उम्र 65 किए जाने के आदेश दिए थे। शहर के शिक्षकों को उम्मीद है कि मामले में सुप्रीम से बड़ी राहत मिल सकती है। इस फैसले से पंजाब यूनिवर्सिटी से एफिलिएटेड चंडीगढ़ के अन्य कॉलेजों के सैकड़ों शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ने की उम्मीद जगी है। हाई कोर्ट के फैसले की अवमानना

फरवरी 2020 में जीसीए-10 कॉलेज के प्रो. केएस साही को रिटायरमेंट का नोटिस जारी कर दिया गया, लेकिन हाई कोर्ट के फैसले के बाद प्रो. साही अब भी कॉलेज में पढ़ा रहे हैं। हद तो तब हो गई जब इसी कॉलेज में पढ़ाने वाली दूसरी प्रोफेसर डा. अलका जैन मार्च में रिटायरमेंट होनी थी और उन्हें कॉलेज प्रबंधन की ओर से 20 अप्रैल को जबरन रिटायर कर दिया। यूटी प्रशासन ने मामले में हाई कोर्ट के निर्देशों की पूरी तरह अनदखी की है। मामले में अब डा. अलका ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई हाई कोर्ट में 23 अगस्त को होगी। दो प्रोफेसर को नहीं दी ज्वाइनिग, पहुंचे कोर्ट

जीसीए-10 और सीसीए-12 के प्रोफेसर जेपी सिंह और प्रो. मल्होत्रा को संबंधित कॉलेज ने 58 की उम्र में रिटायर कर दिया। इस मामले में दोनों याची हाई कोर्ट पहुंचे और दोनों को फिर से ज्वाइन कराने के लिए हाई कोर्ट ने निर्देश दे दिया, लेकिन कई महीने बीतने के बाद भी यूटी प्रशासन ने दोनों प्रोफेसर को नियुक्ति नहीं दी। मामले में अब दोनों ने यूटी प्रशासन के खिलाफ अवमानना का अपील की है। इस मामले में भी सोमवार को सुनवाई होनी है।

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