पापा ने हमें जीना सिखाया

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : वो फिल्मों में सबको हंसाते थे। मगर घर में उनके किरदार में हर तरह के भाव शामिल थे। वो इतने प्यार से हर चीज को समझाते थे कि हमें कभी मुश्किल नहीं होती थी। कपड़े पहनने से लेकर किसी से बात करना, ये सब हमें उन्होंने सिखाया। उनके मार्गदर्शन ने हमें जीवन का लक्ष्य बताया। आज वो नहीं हैं तब भी हम उनकी शिक्षा को अकसर याद करते हैं। उन्होंने हमें जीना सिखाया। पंजाबी फिल्मों के पहले कामयाब कॉमेडियन स्वर्गीय मेहर मित्तल को कुछ इन शब्दों में याद करती हैं उनकी बेटियां वीणा, सीमा, मोना और हिना। जो उनकी याद में पंजाब कला भवन-16 में आयोजित कॉमेडियन ऑफ द ईयर शो में शामिल हुई। हमें कभी फिल्म की हवा नहीं लगने दी

वीणा ने कहा कि घर में अकसर कई एक्टर आते थे। मगर पिता ने कभी हमें फिल्म की हवा नहीं लगने दी। हालांकि हम शूटिग में जाते थे। मगर वो चाहते थे कि उनकी पर्सनल लाइफ और फिल्मी लाइफ अलग रहे। वो एक वकील थे तो ऐसे में हमें पढ़ाई पर भी पूरा जोर देने को कहते थे। ऐसे में हम चारों ही टीचिग से भी जुड़े रहे। उन्होंने कभी हमें किसी भी फील्ड को चुनने के लिए मजबूर नहीं किया। साथ ही आज के समय में उनकी कॉमेडी बहुत अलग थी। तब बहुत पारिवारिक माहौल था। कोई भी ऐसी कॉमेडी देख सकता था। मगर आज कॉमेडी का रंग काफी बदल गया है।

पहले शो में खुद शामिल हुए थे मेहर मित्तल

शो के आयोजक अनूप शर्मा ने कहा कि इस शो का पहला सीजन वर्ष 2013 में किया था। तब खुद मेहर मित्तल ने इस शो में शिरकत की थी। मगर वर्ष 2016 में उनके स्वर्गवास के बाद हमने इस शो को नहीं किया। इस बार फिर हम युवा कॉमेडियंस को मौका देना चाहते थे। जिसमें साफ सुथरी कॉमेडी को आगे ले जा सकें।

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