नीरजा भनोट के भाई अनीश भनोट का चंडीगढ़ में हार्ट अटैक से देहांत, नीरजा के बारे में लिखी थी किताब

सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र विजेता नीरजा भनोट (Ashok Chakra Winner Neerja Bhanot) के भाई अनीश भनोट (Anish Bhanot) का वीरवार देर शाम 8 बजे निधन हो गया। अनीश भनोट 63 वर्ष के थे। वह परिवार के चंडीगढ़ के सेक्टर-46 में रहते थे।

Ankesh ThakurFri, 11 Jun 2021 09:46 AM (IST)
नीरजा भनोट के छोटे भाई अनीश भनोट का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया।

चंडीगढ़, जेएनएन। सर्वोच्च वीरता पुरस्कार अशोक चक्र विजेता नीरजा भनोट (Ashok Chakra Winner Neerja Bhanot) के भाई अनीश भनोट (Anish Bhanot) का वीरवार देर शाम 8 बजे निधन हो गया। अनीश भनोट 63 वर्ष के थे। वीरवार देर शाम वह सेक्टर 46 स्थित अपने घर से पार्क में सैर करने के लिए निकले थे। मौसम खराब होने पर वह घर वापस आ रहे थे कि गेट के पास ही गिर पड़े। जब तक घर वाले उन्हें अंदर लाए तो उनका हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया।

अनीश के परिवार में उनकी पत्नी शांति भनोट और बेटा हरि भनोट हैं। बेटा हरि भनोट सीए हैं और वह मुबंई की कंपनी में कार्यरत हैं। अनीश भनोट एक जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता थे। रोटरी शिवालिक चंडीगढ़ के वह पूर्व अध्यक्ष थे। इसके अतिरिक्त नीरजा भनोट पेन एम ट्रस्ट के भी वह सेक्रेटरी थे। दृष्टिहीन लोगों की मदद के लिए लगातार काम कर रहे थे। अनीश भनोट की बाईपास सर्जरी हो चुकी थी।

पाकिस्तान ने नीरजा को तमगा-ए-इंसानियत से नवाजा था

नीरजा भनोट एक ऐसी लड़की थी जिसकी बहादुरी के लिए पाकिस्तान ने उन्हें तमगा-ए-इंसानियत से नवाजा था। अपनी समझदारी के दम पर उसने PanAm एयरलाइंस से सफर करने जा रहे कई यात्रियों की जान बचाई थी। नीरजा को लेकर बॉलीवुड में एक फिल्म भी बनी है, जिसकी काफी सराहना हुई थी।

22 साल की नीरजा भनोट ने दिखाया था साहस

5 सितंबर 1986 को अपहरणकर्ताओं ने पैन एएम फ्लाइट 73 को कराची से हाईजैक कर लिया था। इस दौरान नीरजा भनोट सहित 20 लोगों की मौत हो गई थी और सौ से अधिक यात्री घायल हो गए थे। इस फ्लाइट में कुल 379 यात्री सवार थे। इस हादसे के समय नीरजा की उम्र महज 22 साल थी। नीरजा भनोट की बहुत सी बातों व उनके नजरिये को दुनिया के सामने उनके छोटे भाई अनीश भनोट ही लेकर आए थे।

अनीश भनोट ने नीरजा के बारे में लिखी थी किताब

अनीश भनोट ने नीरजा भनोट पर ‘नीरजा भनोट-द स्माइल ऑफ करेज’ बुक लिखी थी। किताब में उन्होंने नीरजा के बारे में उसके व्यवहार और तौर-तरीकों के बारे में पूरा जिक्र किया था। यह किताब उन लोगों के लिए लिखी गई थी जो कि नीरजा भनोट के बारे में जानना के इच्छुक हैं।

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