Navjot Singh Sidhu ने फिर किया कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला, कहा- माफिया राज के नियंत्रण में चल रही पंजाब सरकार

नवजोत सिंह सिद्धू व कैप्टन अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो।

Navjot Singh Sidhu vs Captain Amrinder नवजोत सिंह सिद्धू लगातार पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर राजनीतिक प्रहार कर रहे हैं। इस बार उन्होंने कहा कि पंजाब की कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार माफिया के नियंत्रण में चल रही है। सिद्धू बार-बार अपनी ही सरकार को असहज कर रहे हैं।

Kamlesh BhattSun, 09 May 2021 08:18 PM (IST)

चंडीगढ़ [कैलाश नाथ]। Navjot Singh Sidhu vs Captain Amrinder: पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू लगातार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर जुबानी हमले कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने ट्वीट कर 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में उठाए '75-25' की हिस्सेदारी वाले आरोप को दोबारा हवा दी। सिद्धू पहले बेअदबी और कोटकपूरा गोलीकांड को लेकर मुख्यमंत्री को घेर रहे थे, लेकिन अब उन्होंने भ्रष्टाचार के मामले में सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

सिद्धू ने ट्विटर पर लिखा, 'ब्यूरोक्रेसी और पुलिस में सबसे पहले बादल परिवार की चलती है। सरकार लोगों के कल्याण के लिए नहीं, बल्कि माफिया राज के नियंत्रण में चल रही है।' एक दिन पहले सिद्धू ने कहा था, 'कोटकपूरा गोलीकांड में इंसाफ गृह मंत्री की नाकामी की वजह से नहीं मिला।' गृह विभाग मुख्यमंत्री के पास है।

खास बात यह है कि पहले तो दो मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा और साधु सिंह धर्मसोत कैप्टन के समर्थन में खुलकर आए थे, लेकिन इस बार अभी तक वे भी खामोश हैं। हमेशा कैप्टन के बचाव में सबसे पहले आगे आने वाले कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने भी इस बार चुप्पी साध ली है। कांग्रेस नेताओं की चुप्पी से पार्टी के अंदर चल रही खींचतान के संकेत भी मिल रहे हैं।

यह भी पढ़ें:  हरियाणा में टेस्ट कराने वाला हर चौथा व्यक्ति कोरोना संक्रमित, 14667 नए मरीज मिले, 155 की मौत

ऐसी स्थिति 2020 में तब देखने को मिली थी, जब जहरीली शराब पीने से 118 से अधिक लोगों की मौत के मामले में राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा और शमशेर सिंह दूलो ने राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को मांग पत्र देकर मामले की जांच सीबीआइ से करवाने का मुद्दा उठाया था। उस समय जाखड़ ने इसे अनुशासनहीनता बताते हुए पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिख कर दोनों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी।

यह भी पढ़ें: कोरोना हाटस्पाट बना लुधियाना व मोहाली, पंजाब में पहली बार एक दिन में मिले 9100 संक्रमित

जाखड़ ने भले ही इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया हो, लेकिन पार्टी में उन्हें समर्थन नहीं मिला था। जब निकाय चुनाव जीतने के बाद जब जाखड़ ने 'कैप्टन फार 2022' का नारा दिया था, तब भी पार्टी में खासी खींचतान दिखी थी। इस बार न तो जाखड़ ने आगे आकर सिद्धू पर कुछ बोला है और न ही पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता का कैप्टन को समर्थन मिला है। किसी भी नेता ने सिद्धू के उठाए मुद्दों को अनुशासनहीनता नहीं बताया।

यह भी पढ़ें: हरियाणा में 6,000 कैदियों की रिहाई की तैयारी, घर-घर जाकर कोरोना मरीजों को तलाशेंगी 8,000 टीमें

यह भी पढ़ें: नवजोत सिंह सिद्धू फिर हुए कैप्टन अमरिंदर सिंह पर आक्रामक, सीएम का वीडियो शेयर कर साधा निशाना

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.