मां ने सहेली से कहा- फरवरी में कर दूंगी शादी, तभी आ गई Major Anuj Rajput की शहादत की खबर

हेलीकाप्टर हादसे में शहीद हुए मेजर अनुज राजपूत का 18 सितंबर को ही मेजर अनुज राजपूत का जन्मदिन मनाया गया था। अगस्त में उनकी सगाई हो चुकी थी और घरवाले अगले साल फरवरी में उनकी शादी की तैयारियां कर रहे थे।

Wed, 22 Sep 2021 07:55 AM (IST)
शहीद मेजर अनुज राजपूत की पुरानी फोटो।

राजेश मलकानियां, पंचकूला। जम्मू-कश्मीर के ऊधमपुर में हुए हेलीकाप्टर हादसे (Indian Army Helicopter Crash) में शहीद हुए मेजर अनुज राजपूत (Major Anuj Rajput) के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। जिस घर में शहनाइयां गूंजने की तैयारियां चल रही थी, उसमें मातम छा गया। मेजर अनुज की सगाई हो चुकी थी।18 सितंबर को ही मेजर अनुज राजपूत का जन्मदिन मनाया गया था। मंगलवार सुबह ही उनकी मां ऊषा आर्य ने सहेली को बताया था कि फरवरी, 2022 में अनुज की शादी कर दूंगी। ऊषा सेक्टर- 20 स्थित गांव कुंडी के सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। वह शादी को लेकर काफी खुश थीं और घर में बहू लाने की तैयारियों में जुटी थी कि मंगलवार को बेटे की शहादत की खबर आ गई। मेजर अनुज की गत 25 अगस्त को ही दिल्ली में सगाई हुई थी।

ऊषा आर्य सुबह लगभग साढ़े 10 बजे स्कूल से घर जा रहीं थी तो बेटे की शादी के बारे में ही अन्य टीचरों से बात कर रहीं थी। कह रही थी कि फरवरी में अनुज की शादी करने की उन्होंने तैयारी कर रखी है। कुछ देर बाद जब अनुज की शहादत का पता चला तो परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। शिक्षकों में भी शोक की लहर दौड़ गई।

बुधवार को पंचकूला में मेजर अनुज राजपूत के घर पर शोक व्यक्त करने पहुंचे लोग।

घर पहुंचा पार्थिव शरीर, श्रद्धांजलि देने जुटी भीड़।

शहीद मेजर अनुज राजपूत का परिवार पंचकूला के सेक्टर-20 में रहता है। मंगलवार को उनकी शहादत की खबर मिलते ही माता-पिता जम्मू-कश्मीर रवाना हो गए थे। इस खबर से उनकी सोसायटी में रहने वाले लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार दोपहर को मेजर अनुज का पार्थिव शरीर उनके घर पंचकूला लाया गया। यहां उन्हें श्रद्धांजलि देने वाला का तांता लगा है।

हेलिकाप्टर दुर्घटना में शहीद मेजर अनुज राजपूत का परिवार पंचकूला के सेक्टर-20 में रहता है। वहां सुबह से ही लोग शोक व्यक्त करने पहुंचने लगे।

माता-पिता की इकलौती संतान थे अनुज

अनुज के पिता केएस आर्य एडवोकेट हैं। 26 वर्षीय अनुज राजपूत अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। मेजर अनुज की 12वीं तक पढ़ाई चंडीगढ़ में हुई। इसके बाद वह एनडीए देहरादून चले गए थे। वर्ष 2015 में वह मेजर बने थे। 

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