ट्राईसिटी में पानी की बर्बादी में मोहाली नंबर वन, पंचकूला में पानी का दोहन चंडीगढ़ से भी कम

जल ही जीवन है.. यह बस अब एक स्लोग्न ही रह गया है। क्योंकि पानी की बर्बादी हर कहीं हो रही है। अगर ऐसा ही रहा तो वह दिन दूर नहीं जब पानी के लिए लोगों को संघर्ष करना पड़ेगा।

Ankesh ThakurSun, 01 Aug 2021 12:38 PM (IST)
पंचकूला से ज्यादा चंडीगढ़ में पानी की खपत है।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। जल ही जीवन है.. यह बस अब एक स्लोग्न ही रह गया है। क्योंकि पानी की बर्बादी हर कहीं हो रही है। चंडीगढ़ में खेती योग्य भूमि लगातार कम हो रही है। गांव में भी अब यह एरिया सिकुड़ता जा रहा है। गांव की जमीन पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो रहा है। मोहाली में खेती का रकबा सबसे अधिक है। यहां धान की सबसे अधिक खेती हो रही है। यही धान पानी दोहन का सबसे बड़ा कारण भी बन रही है।

चंडीगढ़ का भूजल भंडार मोहाली खाली किए जा रहा है। वहां धान की खेती के लिए जमीन से पानी बल्क में खींचा जा रहा है। चंडीगढ़ में स्टेज ऑफ ग्राउंड वाटर डेवलपमेंट यानी पानी का दोहन केवल 89 फीसद हो रहा है। जबकि मोहाली में दोहन 119 फीसद हो रहा है। बात पंचकूला की करें तो यहां भूजल दोहन 88 फीसद है। चंडीगढ़ में तो एग्रीकल्चर सेक्टर नाम का ही बचा है। जमीन के नीचे चंडीगढ़ का जल भंडार 3794 मीलियन क्यूबिक मीटर है। यही हाल रहा तो अगले कुछ वर्षों बाद भूजल भंडार खाली जो जाएंगे। पंचकूला में भी खेती का रकबा चंडीगढ़ से ज्यादा है। बावजूद इसके यहां पानी का दोहन चंडीगढ़ से एक फीसद कम है।

एक लाख खर्च से सहेज सकते हैं बरसाती पानी

रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक ने सेक्टर-34 के गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब में रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम इंस्टॉल किया है। अब पूरे गुरुद्वारा साहेब भवन की छतों का पानी इस सिस्टम से जमीन में जा रहा है। साइंटिस्ट संजय पांडे्य के तकनीकी सहयोग से यह सिस्टम इंस्टाल किया गया था। संजय पांडे्य ने बताया कि एक कनाल की आलीशान कोठी पर कई करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं। इसमें एक लाख रुपये का खर्च इस सिस्टम का जोड़ लें तो प्रकृति को अनूठी देन होगी। चंडीगढ़ में ऐसी पांच हजार से अधिक बड़ी कोठी हैं। लेकिन इनमें से दो हजार पर भी ऐसा सिस्टम इंस्टॉल नहीं है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.