प्रॉपर्टी किराये पर देने के बाद भी नहीं भरते प्रॉपर्टी टैक्स, निगम ने तहसील ऑफिस से मांगी रेंट एग्रीमेंट डिटेल

मोहाली नगर निगम के ध्यान में आया है कि कई प्रॉपर्टी मालिक ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक अपने किराए का भुगतान नहीं किया है। कुछ प्रॉपर्टी मालिकों ने गलत प्रॉपर्टी टैक्स भरा हुआ है। मालिकों ने अपनी प्रॉपर्टी को खाली बताया है जबकि वह किराये पर चढ़ी हुई है।

Pankaj DwivediMon, 06 Dec 2021 03:19 PM (IST)
मोहाली नगर निगम ने प्रापर्टी टैक्स डिफाल्टरों पर शिकंजा कसने की तैयारी की है। सांकेतिक चित्र।

जासं, मोहाली। नगर निगम को प्रापर्टी टैक्स न भर कई लोग सरकार को लाखों की चपत लगा रहे हैं। ये वो लोग हैं जिन्होंने प्रॉपर्टी को किराए पर दे रखा है लेकिन प्रॉपर्टी टैक्स नहीं भर रहे। इसका खुलासा निगम की ओर से रिकार्ड खंगालने से हुआ है। निगम ने अब तहसील आफिस से अब तक हुए रेंट एग्रीमेंट का रिकॉर्ड मांगा है।

निगम के अधीन 50 वार्ड आते हैं। इनमें छह गांव भी शामिल हैं। निगम के ध्यान में आया है कि कई प्रॉपर्टी मालिक ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक अपने किराए का भुगतान नहीं किया है। कुछ प्रॉपर्टी मालिकों ने गलत प्रॉपर्टी टैक्स भरा हुआ है। मालिकों ने अपनी प्रॉपर्टी को खाली बताया है जबकि वह किराये पर चढ़ी हुई है। कुछ ऐसे शोरूम भी हैं, जो कि काफी समय से किराये पर चल रहे हैं। निगम की टीम ने इस संबंधी पूरा रिकार्ड जुटा लिया है। अब ऐसे लोगों पर कार्रवाई करने की तैयारी है। निगम की ओर से जल्द ऐसे लोगों को नोटिस भेजे जाएंगे। इसके अलावा नगर निगम की टीमें खुद इलाके में जाकर स्थिति का जायजा लेंगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई चलेगी।

अधिकारियों की मान तो रिहायशी एरिया में भी लोग किराएदारों के बारे में उचित जानकारी मुहैया नहीं करवा रहे हैं। इस वजह से निगम को नुकसान हो रहा है। ऐसे में नगर निगम ने उक्त लोगों पर कार्रवाई की तैयारी है ताकि दोबारा दिक्कत न हो पाए।

नगर निगम ने कसा शिकंजा

प्रॉपर्टी टैक्स भरते समय कोई नगर निगम को चूना न लगा पाएं, इसके लिए नगर निगम की ओर से कुछ नए कदम उठाए गए हैं। अब प्रॉपर्टी टैक्स भरने आने वाले लोगों से घर की फोटो, नक्शा और कुछ दस्तावेज मांगता है। इसके अलावा नगर निगम की सर्वे टीम खुद इलाके में जाकर सर्वे करती है। निगम को सबसे ज्यादा आमदन प्रॉपर्टी टैक्स से होती है। इस पैसे का इस्तेमाल शहर के विकास कार्य के लिए किया जाता है। अब तक करीब 18 करोड़ रुपये के प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली हो चुकी है। निगम अधिकारियों को उम्मीद है कि जल्द ही बकाया प्रॉपर्टी टैक्स भी वसूल लिया जाएगा। निगम के डिप्टी मेयर कुलजीत बेदी ने कहा कि शहर के कुछ लोग प्रॉपर्टी टैक्स भरने में भी 'खेल' कर रहे थे और इससे नगर निगम का नुकसान हो रहा था। इसे ध्यान में रखकर तहसील दफ्तर से अब तक हुए रेंट एग्रीमेंट की डिटेल मांगी गई है।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.