चंडीगढ़ की मॉडल जेल देश की पहली जेल जहां कैदियों के लिए ही नहीं स्कूली बच्चों के लिए बनता है खाना

चंडीगढ़ की मॉडल जेल की फाइल फोटो।

चंडीगढ़ की मॉडल जेल में आंगनबाड़ी क्रेच और स्कूली बच्चों के लिए खाना बनता है। मॉडल जेल देश में पहली ऐसी जेल है जहां बच्चों के लिए खाना बनता है। केंद्र सरकार इस प्रयास के लिए सराहना कर चुकी है।

Ankesh KumarSun, 11 Apr 2021 11:57 AM (IST)

चंडीगढ़, [बलवान करिवाल]। जेलों में बनने वाले खाने की गुणवत्ता बेहद निम्न स्तर की होती है। अकसर इस पर सवाल उठते रहते हैं। इस वजह से ही यह धारणा भी है कि जेल के खाने को सजा के तौर पर देखा जाता है। लेकिन चंडीगढ़ की मॉडल जेल ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। जेल में खाना कैदियों के लिए ही उच्च गुणवत्ता के लिए नहीं होता। बच्चों के लिए खाना बनाने की तो कोई सोच ही नहीं सकता। इस मामले में अधिकारी रिस्क नहीं लेना चाहते।

चंडीगढ़ की मॉडल जेल में आंगनबाड़ी, क्रेच और स्कूली बच्चों के लिए खाना बनता है। मॉडल जेल देश में पहली ऐसी जेल है जहां बच्चों के लिए खाना बनता है। केंद्र सरकार इस प्रयास के लिए सराहना कर चुकी है। इतना ही नहीं खाने की गुणवत्ता ऐसी है कि अब इस पर फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआइ) भी अपनी मुहर लगा चुकी है।

एफएसएसएआइ ने चंडीगढ़ मॉडल जेल को देश की पहली ईट राइट जेल कैंपस घोषित किया है। जिसमें मॉडल जेल को विभिन्न मानकों पर परखने के बाद फाइव स्टार रेटिंग दी गई है। जो सबसे बेहतर रेटिंग होती है। देशभर की यूनिवर्सिटी, हॉस्पिटल, कॉलेज और जेल जैसे कैंपस में सेफ, हेल्दी और रोजाना उसी स्तर का भोजन उपलब्ध कराने के लिए ईट राइट कैंपस कैंपेन एफएसएसएआई ने शुरू किया। जिससे कैंपस में अच्छा गुणवत्ता युक्त भोजन उपलब्ध कराने को बढ़ावा दिया जा सके।

जेल की यह भी खास बात

मॉडल जेल देश की पहली ऐसी जेल है जिसे फ्लावरिंग जेल भी कहा जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि जेल का कोई भी रास्ता हो उस पर फूलों की बगिया है। रंग बिरंगे फूल महकते हैं। साथ ही हर बैरक के सामने फूलों की बगिया है। जेल में रहने वाले कैदियों के लिए ऐसा माहौल सृजित किया गया है जैसा कहीं नहीं है। यहां के खाने की मांग इतनी बढ़ी कि जेल ने सेक्टर-22 में सृजन नाम से शॉप खोली। अब इस शॉप पर खाने की थाली के साथ मिठाइयां तक मिलती हैं। खोए की बर्फी, गुझियां और बेसन की बर्फी के लिए लाइन लगती है। इतना ही नहीं जेल में पियरे जेनरे के डिजाइन हेरिटेज फर्नीचर की रेपलिका तैयार होती हैं। जिसकी मांग सब जगह रहती है। साथ ही जेल में सब्जी उगाई जा रही है। ऐसे कई काम इस जेल में होते हैं।

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एक तरफ जहां जेल का खाना बच्चों को देने की सोची भी नहीं जाती वहीं दूसरी ओर मॉडल जेल देश की पहली जेल है जहां क्रेच, आंगनबाड़ी तक में खाना भेजा जाता रहा है। जेल में बनी मिठाई, थाली की मांग भी खूब रहती है।

                                                             -विराट, एआइजी कम सुपरिंटेंडेंट, मॉडल जेल, चंडीगढ़।

 

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