चीन सीमा पर बहाल होनी चाहिए 1954 से पहले की स्थिति : तेनजिन

भारत को जल्द वर्तमान लाइन आफ कंट्रोल को निरस्त कर उसे साल 1954 से पहले की स्थिति में जाना चाहिए।

भारत- चीन के बीच आपसी रिश्ते ठीक नहीं है। कभी चीन डोकलम और गलवन घाटी में घुसकर भारत में कब्जा करने का प्रयास कर रहा है तो कभी पाकिस्तान के सहयोग से भारत को परेशान कर रहा है।

Thu, 25 Feb 2021 07:55 AM (IST)

चंडीगढ़, सुमेश ठाकुर। भारत-चीन के बीच आपसी रिश्ते ठीक नहीं है। कभी चीन डोकलम और गलवन घाटी में घुसकर भारत में कब्जा करने का प्रयास कर रहा है तो कभी पाकिस्तान के सहयोग से भारत को परेशान कर रहा है। सीमा पर तनाव के कारण सुरक्षा व्यवस्था पर भारत को हर साल करीब 55 मिलियन डालर अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। भारत को जल्द वर्तमान लाइन आफ कंट्रोल को निरस्त कर उसे साल 1954 से पहले की स्थिति में जाना चाहिए।

यह मांग तिब्बती लेखक और समाजसेवी तेनजिन चुंडु के हैं। वह बुधवार को चंडीगढ़ पहुंचे। तेनजिन चुंडु 12 फरवरी से हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला से दिल्ली पैदल यात्रा पर निकले हैं। पैदल चलते हुए रास्ते मे वह लोगों से हस्ताक्षर अभियान के जरिये समर्थन जुटा रहे हैं। उन्होंने बताया कि 10 मार्च को दिल्ली पहुंचकर संसद के समक्ष वह सरकार को अपना मांग पत्र सौंपेंगे। तिब्बत की स्थिति ठीक नहीं चंडीगढ़ के रोज गार्डन सेक्टर-16 पहुंचे तेनजिन चुंडु ने कहा कि चीन और भारत के बीच विवाद में तिब्बत पिस रहा है। जब तक दोनों देशों के बीच बेहतर संबंध थे तो तिब्बत भी तरक्की कर रहा था, लेकिन जब से दोनों देशों के संबंध खराब हुए हैं उसके बाद तिब्बत का विकास थम गया है।

ऐसे में वह चाहते हैं कि भारत खुद के विकास के साथ तिब्बत के हित के लिए वर्तमान लाइन आफ कंट्रोल को निरस्त कर दोबारा से 1954 वाली स्थिति में आए। उन्होंने कहा कि साल 1962 के युद्ध के बाद चीन ने भारत में खुलकर पैर पसारे हैं, जिसे आज तक रोका नहीं जा सका और दिनों-दिन वह आगे बढ़ने की हरकत कर रहा है। जिसका खामियाजा भारत आर्थिक तौर के साथ-साथ जून 2020 में सैनिकों की शहादत देकर भुगत चुका है।

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