चंडीगढ़ के इंटरनेशनल स्विमर सिद्धांत फिटनेस के लिए कर रहे साइकिलिंग, स्विमिंग पूल बंद हुए तो घर में बनाया जिम

चंडीगढ़ के इंटरनेशनल स्विमर सिद्धांत सेजवाल अपने फिटनेस को लेकर काफी चिंतित रहते हैं। कोरोना की वजह से स्विमिंग पूल बंद हो जाने से वह अब फिटनेस और स्टैमिना को कायम रखने के लिए रोजोना कई घंटों साइकिलिंग करते हैं और घर पर बनाए जिम में एक्सरसाइज करते हैं।

Ankesh ThakurSun, 02 May 2021 09:53 AM (IST)
चंडीगढ़ के इंटरनेशनल स्विमर सिद्धांत सजेवाल, जो अपनी फिटनेस के लिए बहुत मेहनत करते हैं।

चंडीगढ़, [विकास शर्मा]। खिलाड़ियों के लिए सबसे जरूरी है उनकी फिटनेस। हालांकि फिटनेस हर इंसान के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। क्योंकि आप फिट रहोगे तो स्वस्थ रहोगे। कोरोना के चलते शहवासियों का शैड्यूल बिगड़ चुका है। क्योंकि जिम बंद हैं सभी तरह कि स्पोर्ट्स एक्टिविटी रुक चुकी हैं। बावजूद खिलाड़ी सबसे ज्यादा ध्यान अपनी फिटनेस और स्टैमिना पर दे रहे हैं। शहर के खिलाड़ी और अंतराष्ट्रीय तैराक सिद्धांत सेजवाल भी अपनी फिटनेस और स्टैमिना कायम रखने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं। 

पहली खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए अंतरराष्ट्रीय तैराक सिद्धांत सेजवाल ने पांच गोल्ड मेडल, दो सिल्वर मेडल और एक ब्रांज मेडल जीता था। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में आठ मेडल जीतने वाले सिद्धांत सेजवाल बताते हैं कि तैराकी का कोई विकल्प नहीं है, अगर आप तैराक हैं तो आपको तैरना ही पड़ेगा, लेकिन कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए अभी तमाम स्विमिंग पूल बंद हैं। ऐसे में फिटनेस और स्टैमिना बना रहे, इसी कोशिश में मेरा पूरा दिन गुजरता है। अपना स्टैमिना बढ़ाने के लिए मैं जिम और एक्सरसाइज करता हूं और अपने कार्डियो सिस्टम को मजबूत करने के लिए योग व आसन का सहारा लेता हूं। सिद्धांत पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में एमपीएड की पढ़ाई कर रहे हैं।

शेड्यूल न बिगड़े इसके लिए रोजाना करता हूं साइकिलिंग

सिद्धांत बताते हैं कि वह सालों से एक नियमित दिनचर्या का पालन कर रहे हैं, कोरोना काल में भी यह शेड्यूल न बिगड़े यही उनकी कोशिश रहती है। पहले वह सुबह पांच बजे से सात बजे तक तैराकी करते थे, लेकिन अभी वह तैराकी नहीं कर पा रहे हैं तो वह रोजाना 40 से 50 किलोमीटर साइकिलिंग करते है। हालात अभी ज्यादा बिगड़े हैं इसलिए अभी वह ज्यादा दूर नहीं जाते हैं लेकिन इससे उनका स्टैमिना व शेड्यूल बना रहता है।

घर की छत पर ही बनाया जिम

पिछले साल लाकडाउन के दौरान लगभग चार से पांच महीने तक जिम बंद रहे। इस वजह से उन्हें खासी दिक्कत आई। अनलाक वन के बाद जिम खुले तब भी मुझे जिम में जाकर एक्सरसाइझ करना सुरक्षित नहीं लगा, इसलिए मैंने घर की छत पर छोटा सा जिम बना लिया है। सुबह नौ बजे से साढ़े 12 बजे तक अॉनलाइन क्लास लगती है, उसके बाद मैं दोपहर का भोजन करके दो घंटे आराम करता हूं और फिर साढ़े चार से साढ़े छह बजे तक जिम करता हूं।

फिटनेस न बिगड़े इसके लिए डाइट का रखते हैं खास ध्यान

सिद्धांत बताते हैं कि वह अपनी डाइट का भी खास ध्यान रखते हैं। सुबह ब्रेकफास्ट में वह दूध, उबले हुए दो अंडे, दो केले और कुछ ड्राइफ्रूट लेते हैं। इसके बाद दोपहर को वह लंच में दाल, रोटी, चावल और दही और स्लाद लेते हैं। चार बजे के करीब वह ग्रीन टी के साथ हल्का फुल्का खा लेते हैं और शाम जिम में एक्सरसाइज करने के बाद वह एक गिलास जूस पीते हैं। रात को नौ बजे वह रात का खाना खाते हैं, जिसमें वह दो रोटी, दाल और स्लाद लेते हैं और उसके बाद एक घंटा वह टीवी या फोन देखते हैं। रात को साढ़े दस बजे सो जाते हैं, ताकि सुबह से फिर सब कुछ शेड्यूल के मुताबिक हो।  

कोरोना से डरना जरूरी

लोग कोरोना संक्रमण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। बेवजह बाजारों में बिना मास्क के घूमते हैं दो गज की दूरी का ख्याल नहीं रखते हैं। इसी लापरवाही की वजह से इतने बड़े स्तर पर संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। कोरोना से डरना जरूरी है। स्टे होम, स्टे सेफ। खुद को व्यस्त रखें, फिट रखें।

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