पंजाब में औद्योगिक निवेश के लिए अहम सुधारों की शुरूआत, सीएम कैप्‍टन अमरिंदर ने उठाए कदम

पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह की फाइल फोटो।

industrial investment in Punjab पंजाब में औद्योगिक निवेश के लिए अहम सुधारों की शुरूआत की गई है। पंजाब के मुख्‍यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने इस बारे में महत्‍वपूर्ण कदम उठाए हैं। इससे पंजाब में औद्योगिक निवेश में बढ़ोत्‍तरी होगी।

Sunil Kumar JhaFri, 16 Apr 2021 12:07 PM (IST)

चंडीगढ़, जेएनएन। पंजाब की कैप्‍टन अमरिंदर सिंह सरकार ने राज्‍य में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के उद्देश्‍य से बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम दर्जे के उद्योगों के लिए कई अहम सुधारों की शुरुआत की है। इसके तहत नियमों को ढीला व लचीला बनाया गया है।

सीएम ने कहा- जेल की सजा खत्म करने और लेबर कानूनों को लचीला बनाने संबंधी पहल की गई 

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह ने सुधाराें की घोषणा करते हुए कहा कि जेल की सजा खत्म करने, लेबर कानूनों को लचीला बनाने, निगरानी घटाने संबंधी,  सुधार और सेवाएं प्रदान करने व मूल्यांकन आदि की पहलकदमियां पंजाब में व्यापार करना आसान बनाने के लिए की गई हैं। इसमें व्यापारिक लाइसेंस को रेशनलाइज करना और गैर-कामगार संबंधी  नियमों में 100 कम जोखिम वाले प्रस्तावों में से जेल की सजा संबंधी प्रस्तावों को हटाना है।

इसके अलावा मुख्यमंत्री ने एलान किया कि लेबर रजिस्टरों की संख्या घटाई जाएगी, जिनके अंतर्गत उद्योगपतियों को 60 से लेकर 14 से कम तक कामगार को कायम रखना जरूरी है। इसके अलावा महिला मुलाजिमों की सेवाएं लेने के मामले में नियमों को लचीला बनाया गया है।

इंस्पेक्टर की ऐच्छिक शक्तियां, जो कि गैर हाजिरी या छुट्टी से संबंधित कटौतियों से जुड़ी हुई थीं, हटाई जा रही हैं। उपरोक्त कटौतियां अब आगे बढ़ाए जा रहे लेबर रजिस्टरों से अनुमानित की जाएंगी। इन बदलावों को नए प्रांतीय नियमों में स्थान दिया जाएगा।

इसके अलावा महत्वपूर्ण लाइसेंसों और परमिटों को समय पर जारी करने के लिए ट्रांसपेरेंसी एक्ट 2018 में लागू किया गया था। सरकार मुख्य सचिव की निगरानी के तहत इसका मूल्यांकन करने की शुरुआत की गई है। इससे यह यकीनी बनाया जा सके कि कोई भी लाइसेंस या परमिट निर्धारित समय से देरी से न जारी हो।

ये सुधार, ग्लोबल अलायंस फार मास एंटरप्रेन्योरशिप (गेम) और ओमिदयार नेटवर्क इंडिया के साथ हिस्सेदारी के अंतर्गत पूरे किए जाएंगे। इनका मकसद राज्य में आंकड़ों की मदद से नियमों में बदलाव पर आधारित प्रणाली को प्राथमिकता देना होगा। इसका मकसद एमएसएमईज को बढ़ावा देना है।

गेम, ऐसे संगठनों का एक गठजोड़ है, जिनका मकसद देश भर में औद्योगिक लहर को बढ़ावा देना है, जिससे मौजूदा और नए उद्योगों के विकास में मदद मिल सके। तीस प्रतिशत से ज्यादा महिला कामगारों वाले इन उद्योगों द्वारा पांच करोड़ नौकरियों का सृजन किया जा सके।


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