नए गारबेज प्लांट के लिए आइआइटी रोपड़ तैयार करेगा डीपीआर

डड्डूमाजरा में लगने वाले नए वेस्ट टू एनर्जी के गारबेज प्लांट के लिए आईआईटी रोपड़ डिटेंल प्रोजेक्ट रिपोर्ट और रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार करेगी।

JagranThu, 29 Jul 2021 06:29 PM (IST)
नए गारबेज प्लांट के लिए आइआइटी रोपड़ तैयार करेगा डीपीआर

जासं, चंडीगढ़ : डड्डूमाजरा में लगने वाले नए वेस्ट टू एनर्जी के गारबेज प्लांट के लिए आईआईटी रोपड़ डिटेंल प्रोजेक्ट रिपोर्ट और रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल तैयार करेगी। वीरवार को सदन की बैठक में आइआइटी रोपड़ को यह काम अलॉट करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नगर निगम की ओर से करीब 27 लाख रुपये का भी भुगतान किया जाएगा। इस काम के लिए संस्थान को तीन माह का समय दिया गया है हालांकि कमिश्नर केके यादव ने कहा कि डीपीआर और आरएफपी का काम डेढ़ माह में पूरा करवा लिया जाएगा। उसके बाद फिर से सदन की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की जाएगी। पेक ने भी इस काम के लिए 80 लाख रुपये के काम की मांग है। कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ दोनों अलग अलग संस्थाओं की ओर से मांगी गई राशि पर सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि दोनो संस्थानों की ओर से मांगे गई राशि में काफी अंतर है। ऐसे में और संस्थानों से भी कोटेशन मांगी जाएगी। इस पर भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ पर आरोप लगाया कि वह जानबूझकर राजनीति करते हुए काम में देरी कर रहे हैं। पिछली सदन की बैठक में नगर निगम ने वेस्ट टू एनर्जी का प्लांट लगाने का प्रस्ताव पास किया था। गीला कचरे से बिजली बनाई जाएगी। जबकि सूखे कचरे से पहले की तरह खाद ही बनाई जाएगी। सदन में ज्वाइंट कमिश्नर सौरभ अरोड़ा ने बताया कि आइआइटी रोपड़ के प्रतिनिधि वर्तमान में लगे गारबेज प्लांट का बुधवार को निरीक्षण भी कर चुके हैं। रायपुर कलां में चार करोड़ 40 लाख से बनेगी गोशाला

सदन की बैठक में चार करोड़ 40 लाख रुपये की लागत से गौशाला बनाने का प्रस्ताव पास किया गया है। इसके लिए खर्चा काऊ सेस से किया जाएगा। पार्षदों ने अधिकारियों पर दबाव बनाया कि इस समय गौशाला का कई काम हो चुके हैं। ऐसे में शहर से पकड़ने वाली लावारिस पशुओं को धीरे धीरे यहां पर शिफ्ट करने का काम शुरू कर दिया जाए। इसके साथ ही मेयर रविकांत शर्मा की सिफारिश से यह भी निर्णय लिया गया कि पार्षदों का एक विजिट रायपुर कलां में उस जगह पर किया जाए जहां पर गौशाला का निर्माण होना है। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि शहर की तीन गोशालाओं के लिए तीन वेटनरी डाक्टर अस्थायी तौर पर जाने चाहिए। जबकि पार्षदों ने रायपुर कलां में गायों का एक अस्पताल भी बनाने का प्रस्ताव रखा। पूर्व मेयर देवेश मोदगिल ने सदन में कहा कि लावारिस पशुओं को पकड़ने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी भी रखे जाने चाहिए।रायपुर कलां में नगर निगम पहले से एनमिल बर्थ कंट्रोल के सेंटर का निर्माण कर रहा है। खाली पड़ी दुकानों का किराया रिवाइज करके लाया जाए प्रस्ताव

सदन ने नगर निगम की इमारत में पीएनबी बैंक को जो हिस्सा किराए पर दिया हुआ है उसे एक्सटेंड करने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि सेक्टर-17 के ओवरब्रिज के नीचे और मौलीजागरां में जो खाली दुकानें पड़ी है उसके किराए को रिवाइज करके प्रस्ताव अगली सदन की बैठक में लाया जाए। मालूम हो कि इन दुकानों का नीलाम करने का नगर निगम ने काफी प्रयास कर चुका है। लेकिन अच्छे परिणाम नहीं मिले। कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ ने मामला उठाया कि इस समय गांव की बहुत से दुकानें ऐसी है जिन्हें अलॉटी की ओर से आगे सब लेट कर दी गई है जो कि नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जिस ट्रेड के लिए उन्हें दुकान अलॉट की गई थी अब कई लोगों ने ऐसा कारोबार भी करना शुरू कर दिया है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है। जिस पर भाजपा पार्षद शक्तिदेव शाली और पूर्व मेयर राजेश कालिया ने आपत्ति भी जताई। उनका कहना है कि जानबूझकर ऐसे दुकानदारों को तंग किया जा रहा है। उनका कहना है कि पहले से कोरोना में दुकानदारों का काम नहीं है। अब उन पर ट्रेड बदलने पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। जबकि कमिश्नर केके यादव ने कहा कि नियमों के तहत ही कार्रवाई की जाएगी।

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