चंडीगढ़ में पटाखों पर रोक के फैसले के विरोध में हिंदू संगठन, कहा- नहीं मानेंगे आदेश, दिवाली पर करेंगे आतिशबाजी

चंडीगढ़ में पटाखों पर रोक का विरोध होने लगा है। प्रशासन के इस फैसले से जहां पटाखों का कारोबार करने वाले व्यापारी खफा हैं। वहीं अब हिंदू संगठन भी फैसले का विरोध कर रहे हैं। विश्व हिदू परिषद ने कहा है कि वह प्रशासन के इस फैसले को नहीं मानेंगे।

Ankesh ThakurThu, 14 Oct 2021 09:40 AM (IST)
विश्व हिदू परिषद ने प्रशासन को पटाखों पर रोक के फैसले को वापस लेने की मांग की है।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने शहर में दशहरा और दिवाली पर पटाखों पर रोक लगा दी है। पटाखों पर पाबंदी के फैसले का शहर व्यापारी विरोध कर रहे हैं। वहीं, इस फैसले के विरोध में अब हिंदू संगठन भी आ गए हैं। विश्व हिदू परिषद ने कहा है कि वह प्रशासन के इस फैसले को नहीं मानेंगे। परिषद का दावा है कि वह दीपावली का पर्व पूरे हर्षोउल्लास और पटाखे चलाकर मनाया जाएगा।

विश्व हिंदू परिषद के मंत्री सुरेश राणा ने चंडीगढ़ प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि दीपावली के महापर्व पर चंडीगढ़ प्रशासन ने पटाखों पर पाबंदी लगा कर हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ करने का काम किया है। महापर्व पर पटाखों का इस्तेमाल हमारी सभ्यता और संस्कृति दोनों को दर्शाता है। प्रशासन हिंदुओं की आस्था से खिलवाड़ न करें और पटाखों पर पाबंदी के फैसले को तुरंत प्रभाव से निरस्त करें। उनका कहना है कि विहिप चंडीगढ़ दीपावली का पर्व पूरे हर्षोउल्लास और आतिशबाजी कर मनाएगा। इसके साथ पूरे समाज से यह आग्रह करता है कि वह इस महापर्व पर पटाखे और दीप जलाकर दिवाली को धूमधाम और आस्था से मनाएं। क्योंकि प्रशासन का यह तुगलकी फरमान स्वीकार नहीं है।

चन्नी का मुख्यमंत्री बनना कैप्टन, जाखड़ और सिद्धू को हज़म नहीं हो रहा-बडहेड़ी

प्रमुख सिख किसान नेता राष्ट्रीय प्रतिनिधि और अखिल भारतीय जाट महासभा चंडीगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष राजिंदर सिंह बडहेड़ी ने एक प्रेस बयान में कहा कि जबसे चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री बने हैं, कांग्रेस नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह, सुनील जाखड़ और नवजोत सिद्धू मुख्यमंत्री के काम करने के तरीके की व्यर्थ आलोचना करते रहे हैं। वे नेता सिर्फ मुख्यमंत्री पद के लिए तरस रहे हैं। सरदार बडहेड़ी ने कहा कि वर्तमान मुख्यमंत्री पंजाब की समस्याओं के समाधान के लिए दिन-रात अथक प्रयास कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री चन्नी ने अपने बेटे के विवाह समारोह में मेहमानों के बीच बहुत कम समय बिताया।

जनता मुख्यमंत्री चन्नी के साथ

किसान नेता ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन ने फरवरी और मार्च 2021 में अपनी पोती की शादी के दौरान खुद कोई सरकारी काम नहीं किया और न ही मुख्यमंत्री कार्यालय के सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को काम करने दिया। मुख्यमंत्री के सभी कर्मचारी सिसवां फार्म के अंदर शराब पीते रहे और नाचते रहे। अब इन नेताओं का यह कर्तव्य है कि चन्नी के साथ सहयोग करें, जो कैप्टन साढ़े चार साल में नहीं कर पाए हैं। पंजाब की आम जनता वर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के कार्यों से संतुष्ट है। केवल कुछ राजनीतिक नेता पीड़ित हैं। बडहेड़ी ने मुख्यमंत्री को दृढ़ता से सलाह दी कि इन राजनीतिक नेताओं की आलोचना को एक तरफ रख दें और अपना काम जारी रखें क्योंकि आम जनता उन्हीं के साथ है।

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