गपशप... AAP नेता की प्रेस कांफ्रेंस में जुटी ज्यादा भीड़, भाजपा नेता हक्के बक्के, पढ़ें चंडीगढ़ की राजनीति की रोचक खबरें

चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर शहर में राजनीति गरमाई हुई है। सभी राजनीतिक दलों के नेता अब प्रेस कांफ्रेंस कर विरोधी पार्टियों पर दनादन सवाल दाग रहे हैं। ऐसे में आरोप प्रत्यारोप का दौर जमकर चल रहा है।

Ankesh ThakurMon, 20 Sep 2021 03:10 PM (IST)
धवन के इस कार्यक्रम में कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुए एक नेता नाराज होकर चले गए।

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव को लेकर शहर में राजनीति गरमाई हुई है। सभी राजनीतिक दलों के नेता अब प्रेस कांफ्रेंस कर विरोधी पार्टियों पर दनादन सवाल दाग रहे हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी ने बीते 15 सितंबर को एक ही समय में प्रेस कांफ्रेंस का मीडिया को न्योता भेज दिया। आप नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री हरमोहन धवन और भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद ने यह प्रेसवार्ता बुलाई थी, लेकिन सता पक्ष भाजपा को धवन के कारण अपनी प्रेस कांफ्रेंस स्थगित करनी पड़ी।

हालांकि भाजपा के कई नेता धवन के बारे में बयान देते हैं कि अब धवन में कोई दम नहीं रह गया है क्योंकि पिछले लोकसभा चुनाव में आप की टिकट से चुनाव लड़ने पर धवन की जमानत तक जब्त हो गई थी। बावजूद भाजपा ने मीडिया कर्मियों को प्रेस कांफ्रेंस के लिए दोपहर बाद  3.30 बजे का समय दिया। इसका कारण यह भी था कि भाजपा नेताओं को आभास हो गया था कि एक ही समय में दो जगह प्रेसवार्ता होने पर मीडिया कर्मी धवन की प्रेसवार्ता को ही तवज्जो देंगे। इसलिए भाजपा को प्रेसवार्ता का समय बदलना पड़ा। हालांकि धवन की प्रेस कांफ्रेंस में भाजपा की प्रेसवार्ता के मुकाबले में ज्यादा भीड़ भी रही। धवन के इस कार्यक्रम में कांग्रेस छोड़कर आप में शामिल हुए एक नेता नाराज होकर चले गए। क्योंकि उन्हें मंच पर जगह नहीं दी गई। मंच पर वह एक बार बैठने में कामयाब हो गए, लेकिन उन्हें उठा दिया गया, जिसका एक वीडियो उनके विरोधियों ने खूब वायरल किया।

इन्हें भी लिटाया जाए

पीएम नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस पर चंडीगढ़ भाजपा ने सेक्टर-37 कम्युनिटी सेंटर में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इसमें कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पार्टी को खुश करने के लिए रक्तदान किया। इस शिविर में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और क्षेत्रीय प्रभारी सौदान सिंह मुख्य अतिथि थे। जब वह शिविर में पहुंचे तो संगठन मंत्री दिनेश कुमार ने उनका स्वागत किया। इस दौरान पूर्व सांसद सत्यपाल जैन भी उनके साथ मौजूद थे। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने संगठन मंत्री दिनेश कुमार के साथ मजाक करते हुए कहा कि इन्हें भी लिटाया जाए। जिस पर पूर्व सांसद सत्यपाल जैन ने कहा कि अब तो इनका खड़े होने का टाइम है। जिस पर सभी नेता हंसने लग गए। असल में दिनेश कुमार इस समय चंडीगढ़ के अलावा पंजाब भाजपा के संगठन मंत्री हैं। पंजाब में पार्टी में आने वाले विधानसभा चुनाव में संगठन मंत्री दिनेश कुमार की काफी अहम भूमिका रहेगी।

पड़ गया फर्क, वायरल हुआ मैसेज

बीते महीने चंडीगढ़ कांग्रेस को छोड़कर कई नेता आम आदमी पार्टी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस की ओर से यह कहा गया कि इन नेताओं के जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ा। हाल ही में प्रदेश सचिव यादविंदर मेहता, पूर्व महिला कांग्रेस अध्यक्ष अनिता शर्मा सहित आठ प्रमुख नेता आप में शामिल हुए तो कांग्रेस के अंदर बवाल मच गया। नेताओं ने बोलना शुरू कर दिया कि इसका फर्क पड़ा है। यहां तक कि कांग्रेस पार्षद दल के नेता देवेंद्र सिंह बबला को वाट्सएप पर अध्यक्ष सुभाष चावला को मैसेज भेजते हुए उन पर ही सवाल खड़ा कर दिया। यह मैसेज  खूब वायरल हुआ, जिससे पार्टी कि किरकिरी हुई, लेकिन पार्टी के कई नेता इस बात को जानने का प्रयास करते रहे कि सबसे पहले बबला और चावला के बीच जो बातचीत हुई है वह किस कांग्रेस नेता ने लीक कर दी। प्रदेश सचिव यादविंदर मेहता को रोकने का बबला ने प्रयास भी किया। गपशप करते हुए कई नेताओं का कहना है कि बबला ने मेहता के सामने पार्टी अध्यक्ष को फोन किया। उस समय कुछ ऐसी बातें यादविंदर मेहता ने सुन ली कि वह और नाराज हो गए और कांग्रेस छोड़ने का मन बना लिया।

अब गोलीबाजी बंद

कमिश्नर अनिंदिता मित्रा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। उन्होंने शहरवासियों के लिए नगर निगम का ट्वीटर अकाउंट भी खोल दिया है। वह खुद इस अकाउंट को देख रही है और आने वाली लोगों की शिकायतों को हल करवाने का कर्मचारियों पर भी दबाव भी बनाती है। ऐसे में ट्वीटर पर लोगों की समस्याएं हल होने का सिस्टम शुरू होने से उन निठल्ले कर्मचारियों के मुश्किल खड़ी हो गई है कि बंक मार लेते थे या सारा दिन अपने ऑफिस में एसी की ठंडी हवा खाते थे। इससे पहले जब कोई शिकायकर्ता समस्यां बताना था तो कई कई दिन हल नहीं होती थी और शिकायतकर्ता और पार्षद को इंजीनियर्स गोली देते रहते हैं लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकता। कर्मचारियों को पता है कि ट्वीटर पर आने वाली शिकायत न निपटाई गई तो कमिश्नर मैंडम कार्रवाई कर देगी। कमिश्नर के इस प्रयास का शहर के रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी वाहावाही जरूर कर रहे हैं जिससे चंद पार्षद जरूर नाराज हो रहे हैं क्योंकि इससे लोगों ने अपनी समस्याओं के लिए उन्हें पूछना बंद कर दिया है। यहां तक कि कांग्रेस पार्षद सतीश कैंथ को भी अपने एरिया की अतिक्रमण हटाने के लिए ट्वीटर का सहारा लेना पड़ा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.