Punjab CM New Cabinet: नई कैबिनेट में कैप्‍टन सरकार के चार मंत्रियों की नहीं होगी वापसी, वडिंग और कोटली की दावेदारी मजबूत

Punjab New Cabinet पंजाब की चरणजीत सिंह चन्‍नी की कैबिनेट में कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के समय के चार मंत्रियों की वापसी नहीं होने की चर्चा है। नए मंत्रियों में अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और गुरकीरत कोटली की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

Sunil Kumar JhaMon, 20 Sep 2021 09:27 PM (IST)
मुख्‍यमंत्री कार्यालय में नवजोत सिंह सिद्धू और हरीश रावत के साथ पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्‍नी। (जागरण)

राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। Punjab CM New Cabinet: नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की नई कैबिनेट में कई युवा चेहरे शामिल हो सकते है। वहीं, कैप्टन अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में शामिल रहे चार मंत्रियों की छुट्टी होनी तय है। पोस्ट मैट्रिक स्कालरशिप घोटाले में शामिल रहे साधू सिंह धर्मसोत, इंडस्ट्रियल प्लाट को निजी हाथों में सस्ते भाव में बेचने के घोटाले में फंसे सुंदर शाम अरोड़ा और कैप्टन अमरिंदर सिंह के सबसे करीबी मंत्री रहे राणा गुरमीत सिंह की छुट्टी तय मानी जा रही है। वहीं, कांग्रेस विधायक दल के सबसे वरिष्ठ व सात बार विधायक रहे पूर्व स्थानीय निकाय मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा डिप्टी उप मुख्यमंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज हो गए है। उनके भी नई कैबिनेट में आने की संभावना नहीं है।

डिप्टी मुख्यमंत्री की पद से पिछड़े ब्रह्म मोहिंद्रा नाराज, कैबिनेट में स्थान मिलने की संभावना कम

मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की नई कैबिनेट में युवा चेहरों के रूप में गिद्दड़बाहा के विधायक अमरिंदर सिंह राजा वडिंग व गुरकीरत कोटली की एंट्री तय मानी जा रही है। दोनों ही विधायक शुरू से नवजोत सिंह सिद्धू के साथ चल रहे थे। अमृतसर से दलित चेहरा राजकुमार वेरका का भी मंत्री बनना तय है।

वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के जिले से आने वाले मदन लाल जलालपुर की भी कैबिनेट मंत्री एंट्री हो सकती है। जलालपुर वह विधायक है जो लंबे समय से कैप्टन की मुखालफत कर रहे थे और नवजोत सिंह सिद्धू के प्रदेश प्रधान बनने पर सबसे पहले उन्हें बधाई देने के लिए सिद्धू के घर पहुंचे थे। मनप्रीत बादल, तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, अरुणा चौधरी, रजिया सुल्ताना, गुरप्रीत कांगड़, बलबीर सिद्धू, विजय इंदर सिंगला, भारत भूषण आशु को नई कैबिनेट में भी मौका मिलना तय है।

अहम पहलू यह है कि रविवार देर शाम तक ब्रह्म मोहिंद्रा का हिंदू कोटे से डिप्टी सीएम बनना तय माना जा रहा था। लेकिन अंतिम समय में नवजोत सिंह सिद्धू के हस्तक्षेप के बाद उनका पत्ता कट गया। बता दें कि मोहिंद्रा ने कहा था कि जब तक सिद्धू कैप्टन से माफी नहीं मांगते तब तक वह उनसे नहीं मिलेंगे।

डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने से मोहिंद्रा नाराज हो गए है। चूंकि वह पार्टी में सबसे वरिष्ठ विधायक है और अब वह अपने जूनियर विधायकों के साथ एडजस्ट नहीं चाहते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि वह चन्नी की नई कैबिनेट में शामिल नहीं होंगे। वहीं, नई कैबिनेट में अरुणा चौधरी और रजिया सुल्ताना का कद बढ़ना भी तय माना जा रहा है। अरुणा चौधरी न सिर्फ चन्नी की रिश्तेदार है, वहीं वह दलित कोटे से डिप्टी सीएम पद की भी दावेदार रही हैं।

दोआबा में फंस सकता है पेंच

अहम पहलू यह है कि अगर सुंदर शाम अरोड़ा को नई कैबिनेट में स्थान नहीं दिया जाता है तो दोआबा को कैसे प्रतिनिधित्व दिया जाए, इसे लेकर पेंच फंसा हुआ है। संगत सिंह गिलजियां पार्टी के कार्यकारी प्रधान भी हैं। अगर उन्हें कैबिनेट में स्थान दिया जाता है तो पार्टी की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है, क्योंकि गिलजियां के पास दोआबा का चार्ज है।

 

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