चंडीगढ़ में मेयर और डिप्टी मेयर रह चुके कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का पार्टी से इस्तीफा

चंडीगढ़ कांग्रेस में चल रही उठापठक के बीच अब बड़ी खबर आ रही है। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार सुबह प्रदीप छाबड़ा ने एक पत्र के लिखकर पार्टी से इस्तीफा देने की बात कही है।

Ankesh ThakurFri, 06 Aug 2021 09:31 AM (IST)
प्रदीप छाबड़ा ने शुक्रवार को पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दिया है।

राजेश ढल्ल, चंडीगढ़। चंडीगढ़ कांग्रेस में चल रही उठापठक के बीच अब बड़ी खबर आ रही है। चंडीगढ़ प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा ने पार्टी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। शुक्रवार सुबह प्रदीप छाबड़ा ने एक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने कहा है कि उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। वह जल्द ही कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखेंगे, जिसमें वह इस्तीफे की डिटेल से जानकारी देंगे।

मालूम हो कि प्रदीप छाबड़ा ने पिछले कई दिनों से कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चावला और पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल प्रदीप छाबड़ा के राजनीतिक गुरु भी रहे हैं। छाबड़ा द्वारा कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही दूसरे दल में शामिल होंगे। हालांकि, छाबड़ा ने अपना एक मंच का भी गठन किया है, जिसे वह गैर राजनीतिक बताते हैं, लेकिन यह भी कहा जा रहा है कि आने वाले नगर निगम चुनाव को देखते हुए वह अपना मंच सक्रिय कर देंगे। वीरवार को सेक्टर-35 स्थित कांग्रेस भवन में नई गठित प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक हुई थी, जिसमें नेताओं ने कहा कि प्रदीप छाबड़ा को पार्टी से बाहर कर देना चाहिए। इसके लिए अध्यक्ष सुभाष चावला को नोटिस भेजने का अधिकार दिया गया था। कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चावला द्वारा छाबड़ा को आज दोपहर तक कारण बताओ नोटिस भेजा जाना था, लेकिन इससे पहले ही प्रदीप छाबड़ा ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। चंडीगढ़ की राजनीति में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी राजनीतिक दल के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी छोड़ है।

बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के पूर्व महासचिव संदीप भारद्वाज भी पार्टी को अलविदा कर चुके हैं। जबसे छाबड़ा को अध्यक्ष पद से हटाया गया है तब से वह नाराज चल रहे थे। प्रदेश कार्यकारिणी में अपने किसी भी करीबी को जगह दिलवाने के बाद से पवन कुमार बंसल और अध्यक्ष सुभाष चावला के खिलाफ छाबड़ा ने मोर्चा खोला हुआ था। छाबड़ा 30 साल से कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़े हुए थे।

https://twitter.com/PChhabraINC/status/1423494284351729674?s=08

An upright man shall never tolerate indignation & lies. Knowing when to walk away is #Wisdom, being able to is #Courage, Walking away with your head held high is #Dignity. Today, I resign from the primary membership of @INCIndia. An official, detailed resignation will follow.

प्रदीप छाबड़ा क्या भाजपा में जाएंगे या आम आदमी पार्टी में, हालांकि छाबड़ा के भाजपा में जाने की उम्मीद कम है। क्योंकि छाबड़ा द्वारा हमेशा ही भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद और मेयर रविकांत शर्मा पर आरोप लगाते रहे हैं

छाबड़ा के पार्टी छोड़ने से कांग्रेस को नुकसान होगा। प्रदीप छावड़ा नगर निगम के पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर और मेयर भी रह चुके हैं। वह पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के करीबी माने जाते रहे हैं, बंसल ने भी समय-समय पर प्रदीप छाबड़ा को अहम जिम्मेदारी दी है। पवन बंसल ने ही प्रदीप छाबड़ा को चंडीगढ़ कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया था। दोनों के संबंध क्यों खराब हुए इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। हालांकि यह कहा जा रहा है कि प्रदीप छाबड़ा उन्हें अध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद से ही नाराज थे। छाबड़ा का आरोप था कि जो प्रक्रिया अपनाई गई वह ठीक नहीं थी। अध्यक्ष पद से हटाने से पहले उन्हें बताना चाहिए था।

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