देश में सबसे पहले पीजीआइ में ऑस्टियोपोरोसिस रजिस्ट्री ऑफ इंडिया की शुरुआत, 100 मरीज पंजीकृत

पीजीआइ ने देश में सबसे पहले ऑस्टियोपोरोसिस रजिस्ट्री ऑफ इंडिया की शुरुआत की है। इस ऑनलाइन माध्यम में पीजीआई के विभिन्न विभागों में इलाज करा रहे ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों को पंजीकृत किया जाएगा। शुरुआती दौर में इसके 100 मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं।

Pankaj DwivediWed, 20 Oct 2021 10:58 AM (IST)
ऑस्टियोपोरोसिस उम्र के साथ हड्डियों के कमजोर होने की बीमारी है। सांकेतिक चित्र।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। वर्ल्ड ऑस्टियोपोरोसिस डे के मौके पर पीजीआइ ने देश में सबसे पहले ऑस्टियोपोरोसिस रजिस्ट्री ऑफ इंडिया की शुरुआत की है। इस ऑनलाइन माध्यम में पीजीआई के विभिन्न विभागों में इलाज करा रहे ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों को पंजीकृत किया जाएगा। शुरुआती दौर में इसके 100 मरीज पंजीकृत किए जा चुके हैं। पीजीआई के एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की ओर से स्थापित इस विशेष माध्यम के अंतर्गत पंजीकृत मरीजों के लिए दो नवंबर से विशेष क्लीनिक भी संचालित की जाएगी। सप्ताह में दो दिन यह क्लीनिक होगी।

दो नवंबर से स्पेशल क्लीनिक भी होगा शुरू

प्रो. संजय भडाड़ा ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस के मरीज लगभग सभी विभागों में किसी न किसी मर्ज का इलाज कराने आते हैं। विशेष क्लीनिक में लगभग सभी अन्य विभागों के विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे। इस विशेष क्लीनिक का संचालन माह के पहले मंगलवार को किया जाएगा। इसके लिए एंडोक्राइनोलॉजी की प्रत्येक बुधवार और वीरवार को होने वाली क्लीनिक के माध्यम से ही एडवांस बुकिंग की जाएगी। ऐसे मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने व बीमारी के कारण, लक्षण और बचाव को लेकर आसान तरीका लागू कराने पर फोकस किया जाएगा।

चंडीगढ़ में बढ़ रहे ऑस्टियोपोरोसिस के मरीज

सीनियर सिटीजन में ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी आम होने लगी है। अनदेखी भारी पड़ रही है। इसके बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पीजीआइ चंडीगढ़ एंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट के सर्वे में इस तरह की जानकारी निकलकर सामने आई है। एंडोक्राइनोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रमुख प्रो. संजय भडाड़ा ने बताया कि चंडीगढ़ के पुरुष व महिलाओंं पर किए गए अध्ययन से पता चला है कि पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में यह मर्ज ज्यादा है। अध्ययन के दौरान चंडीगढ़ को छह सेक्टर में बांटकर रेंडमली 4285 लोगों से डोर-टू-डोर प्रश्नावली भरवाई गई, जिसमें पुरुषों में 18 और महिलाओं में 25 फीसद ऑस्टियोपोरोसिस पाया गया। प्रो. भडाड़ा ने बताया कि समय रहते बीमारी के कारण का पता लगाकर उचित इलाज या प्रबंधन के जरिये इस पर काबू पाया जा सकता है।

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