चंडीगढ़ के पिता-पुत्र 44 साल से रामलीला में निभा रहे रावण का किरदार, बेटे मोहित को तीन बार मिला पुरस्कार

चंडीगढ़ में रामलीला का मंचन करने वाली 20 से ज्यादा कमेटियां हैं। उन कमेटियों में कई कलाकार ऐसे हैं जो रामलीला में कई किरदार निभाते हैं। चंडीगढ़ में एक ऐसा परिवार भी है जो रावण का किरदार पिछले 44 सालों से निभा रहा है।

Ankesh ThakurWed, 15 Sep 2021 03:44 PM (IST)
रावण के किरदार में पिता प्रदीप और बेटा मोहित।

सुमेश ठाकुर, चंडीगढ़। जन्माष्टमी के बाद चंडीगढ़ की रामलीला एंड दशरा कमेटियों रामलीला के मंचन के लिए रिहर्सल शुरू कर दी है। रामलीला का मंचन दशहरा त्योहार से पहले शुरू हो जाता है और दशहरे के दिन रावण और मेघनाद और कुंभकर्ण का पुतला जलाया जाता है। श्रीरामलीला ऐसा मंचन है जो कि भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर रावण के अंत को कलाकार मंचन के जरिये पेश करते हैं।

चंडीगढ़ में रामलीला का मंचन करने वाली 20 से ज्यादा कमेटियां हैं। उन कमेटियों में कई कलाकार ऐसे हैं जो रामलीला में कई किरदार निभाते हैं। चंडीगढ़ में एक ऐसा परिवार भी है जो रावण का किरदार पिछले 44 सालों से निभा रहा है। सेक्टर-7 की नवयुग रामलीला एंड दशहरा कमेटी के डायरेक्टर प्रदीप कुमार 1978 में रामलीला से जुड़े थे। रामलीला कमेटी से जुड़ने के बाद कमेटी का नाम नवयुग रामलीला एंड दशहरा कमेटी रखा गया।

प्रदीप कुमार सरकारी नौकरी से रिटायर हो चुके हैं। 

प्रदीप ने श्रवण के रूप में की शुरुआत

चंडीगढ़ के सेक्टर-7 में रहने वाले प्रदीप कुमार इस समय नवयुग रामलीला एंड दशहरा कमेटी के डायरेक्टर हैं। प्रदीप बताते हैं कि उन्होंने बचपन में रामलीला देखी थी और जब उसमें अभिनय करने की शुरुआत की तो श्रवण का रोल निभाया था, जिसका बड़ा कारण छोटी उम्र थी। श्रवण की भूमिका निभाने के साथ उन्होंने रावण का किरदार निभाने की भी शुरुआत की और 34 साल तक लगातार रावण का रोल अदा किया। 34 सालों तक अभिनय करने के बाद दूसरों को मौका देने के लिए उन्होंने स्टेज छोड़ा तो बेटे मोहित ने उस राह पर चलना शुरू कर दिया। प्रदीप नगर निगम के फूड एंड लाइसेंसिंग विभाग से रिटायर हो चुके हैं। 

मोहित आरएलए चंडीगढ़ में कार्यरत हैं।

आठ वर्ष से मोहित निभा रहे रावण का किरदार, तीन बार चुने गए बेस्ट रावण

पिता प्रदीप के बाद मोहित इस किरदार को निभा रहे हैं। मोहित आठ सालों से नवयुग रामलीला एंड दशहरा कमेटी में रावण का रोल कर रहे हैं। मोहित के दमदार डायलॉग और बेहतरीन एक्टिंग के चलते तीन बार श्रीरामलीला प्रतियोगिता में बेस्ट रावण का अवार्ड भी पा चुके हैं। मोहित प्रशासन रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंस आथोरिटी (आरएलए) में कार्यरत हैं। 

युवाओं को भी अपने साथ जोड़ा

प्रदीप ने बताया कि रामलीला करने से जहां पर मुझे संतुष्टि है कि मैंने अच्छाई और बुराई को एक मंच पर पेश किया है उसके साथ ही मुझे एक बात की तसल्ली है कि जब मैंने श्रीरामलीला की शुरुआत की तो बहुत सारे युवा रामलीला ग्राउंड के आसपास खड़े होकर नशे की हालत में गलत हरकतें करते थे। मैंने उन युवाओं को बुलाकर रामलीला की स्टेज पर बिठाना शुरू कर दिया जिसका परिणाम रहा कि युवाओं ने नशे को छोड़कर श्रीरामलीला में अभिनय शुरू किया और अब वे सभी नशे को त्याग चुके हैं।

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