चंडीगढ़ में बस ट्रायल से पहले इलेक्ट्रिक चार्जिंग स्टेशन किया जा रहा सेटअप, कंपनी एक्सपर्ट पहुंचे शहर

सिटी ब्यूटीफुल की सड़कों पर जल्द ही इलेक्ट्रिक बस दौड़ती नजर आएंगी। पहली इलेक्ट्रिक बस चेन्नई से चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। ऐसे में अब तैयारियों जोरों पर चल रही हैं। अशोक लेलैंड कंपनी के एक्सपर्ट भी शहर पहुंचे हैं जो बस चार्जिंग स्टेशन डेवलप करने में जुटे हैं।

Ankesh ThakurMon, 02 Aug 2021 02:52 PM (IST)
ऐसी पहली इलेक्ट्रिक बस शहर में पहुंच चुकी है।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। पहली इलेक्ट्रिक बस चेन्नई से चंडीगढ़ पहुंचने के बाद इसके ट्रायल की तैयारी जोरों शोरों से शुरू हो गई है। बस को अभी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित डिपो में कवर करके रखा गया है। हालांकि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के स्टाफ में इस बस को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यह बस अशोक लेलैंड कंपनी की है। बस के साथ ही कंपनी के एक्सपर्ट भी चंडीगढ़ पहुंच गए हैं। यह एक्सपर्ट बस के ट्रायल रन से पहले चार्जिंग स्टेशन डेवलप करने में जुट गए हैं। दो दिनों में चार्जिंग स्टेशन सेटअप कर लिया जाएगा। इसके बाद अगले सप्ताह के शुरू में ही बस का ट्रायल रन शुरू हो जाएगा।

इस बस को सबसे पहले पीजीआइ से मनीमाजरा के रूट पर चलाया जाएगा। 15 से 20 दिन तक पहले बस का ट्रायल रन होगा। इस दौरान बस में पैसेंजर सवार नहीं होंगे। केवल पैसेंजर जितना भार बस में होगा। इसी भार के साथ बस चलाई जाएगी। इससे पहले टाटा और चाइना की बस का ट्रायल भी सीटीयू ने ऐसे ही किया था। हालांकि यह बस औपचारिकता के लिए ट्रायल पर होगी। इसके बाद इसे रोजाना पैसेंजर के लिए चलाया जाना है। 15 अगस्त से पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी प्रशासक वीपी सिंह बदनोर बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। पैसेंजर के साथ बस इसी दिन शुरू की जा सकती है। सीटीयू ऐसी तैयारी कर रहा है। सितंबर तक यूटी प्रशासन को ऐसी 20 इलेक्ट्रिक बस मिल जाएंगी। इसके बाद इनकी संख्या बढ़कर 40 होगी। यह बसें चेन्नई से चंडीगढ़ आ रही हैं।

अशोक लेलैंड कंपनी वसूल करेगी 62 रुपये प्रति किलोमीटर

बता दें कि चंडीगढ़ का ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट इन बसों को किलोमीटर स्कीम के हिसाब से चला रहा है, जिसमें अशोक लेलैंड कंपनी को बसें उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इन बसों के ऑपरेशन से मेंटेनेंस तक सब काम अशोक लेलैंड कंपनी ही करेगी। कंपनी बसों के लिए सीटीयू की डिपो में चार्जिंग स्टेशन सेटअप करेगी। जहां इन बसों को चार्ज किया जा सकेगा। इसके बाद बसों को यहीं से चलाया जाएगा। बसों में रेवेन्यू सीटीयू देखेगी। कंडक्टर ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट का ही होगा। बदले में सीटीयू कंपनी को 62 रुपये प्रति किलोमीटर अदा करेगा। जितना भी रेवेन्यू जुटेगा वह सीटीयू के पास ही रहेगा।

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