डेराबस्सी सिविल अस्पताल में डेंगू की जांच करने वाली किट का स्टाक खत्म, अब तक 18 की हो चुकी है मौत

सिविल अस्पताल में बुखार से पीड़ित आने वाले मरीजों की डेंगू बुखार की जांच करने वाली किट का स्टॉक खत्म होने को है। अभी अस्पताल में दो किट मौजूद हैं। इनसे डेंगू के 200 मरीजों की जांच हो सकती है।

Vinay KumarWed, 20 Oct 2021 02:22 PM (IST)
डेराबस्सी सिविल अस्पताल में डेंगू की जांच करने वाली किट का स्टाक खत्म हो गया है।

जागरण संवाददाता, डेराबस्सी। सिविल अस्पताल में बुखार से पीड़ित आने वाले मरीजों की डेंगू बुखार की जांच करने वाली किट का स्टॉक खत्म होने को है। बुखार से पीड़ित अगर कोई मरीज अस्पताल पहुंचता है तो उसे तब तक इलाज के लिए इंतजार करना पड़ेगा, जब तक यह पता नहीं चल जाता कि व्यक्ति डेंगू पॉजिटिव है या निगेटिव। अभी अस्पताल में दो किट मौजूद हैं। इनसे डेंगू के 200 मरीजों की जांच हो सकती है।

सिविल अस्पताल के एसएमओ डा. विजय भगत ने कहा कि किट मंगवाने के लिए पत्र लिखा जा चुका है, जो जल्द अस्पताल को किट मिल जाएंगी। उधर, डाक्टरों का कहना है कि डेंगू बुखार होने पर तरल पदार्थों का ज्यादा से ज्यादा सेवन करे। बकरी का दूध, कीवी फल, नारियल पानी प्लेटलेट्स नहीं बढ़ाते। जिले की सिविल सर्जन डा. आर्दश पाल कौर, डा. विक्रांत नागरा ने कहा कि हर तरह के बुखार में शरीर के प्लेटलेट्स कम हो जाते है। लेकिन बकरी का दूध, कीवी फल या नारियल पानी आदि इन को बढ़ाने में सहायक नहीं होते। रोजाना कम से कम दो लीटर पानी का सेवन करना चाहिए। ताकि व्यक्ति तंदरूस्त रहे। तरल पदार्थ शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते वहीं शरीर में पौष्क भी देते है।

ध्यान रहे कि जिले में अब तक डेंगू संदिगध 18 मरीजों की मौत तो चुकी है। जबकि मरीजों का आंकड़ा 1700 के पार पहुंच चुका है। जिले में लगातार डेंगू के मरीज बढ़ रहे हैं। सिविल अस्पताल प्रबंधन ने भी इससे निपटने के लिए अपना दायरा भी बढ़ा लिया है। बढ़ते डेंगू के मरीजों की संख्या को देखते हुए वार्ड में बेडों की संख्या में बढ़ोतरी कर दी है। इसके साथ ही अस्पताल में 24 घंटे डाक्टरों की तैनाती रहेगी, जिससे अस्पताल में आने वाले मरीजों का इलाज करने में किसी प्रकार दिक्कतों का सामना न करना पड़े। सिविल अस्पताल के एसएमओ विजय भगत ने डेंगू मरीजों के लिए बनाए वार्ड में बेडों की संख्या को 50 से बढ़ाकर 70 कर दिया गया है, जिससे डेंगू पॉजिटिव की संख्या बढऩे पर में पीडि़त मरीजों को बेड के लिए परेशान न होना पड़े।  मरीज हेल्पलाइन नंबर 104 पर भी संपर्क कर सकते है।

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