पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह पर आलाकमान का फैसला जल्‍द, पार्टी के कदम को लेकर सस्‍पेंस बढ़ा

Punjab Congress Strife पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह पर पार्टी आलाकमान का फैसला जल्‍द आने ही वाला है। पार्टी नेतृत्‍व जल्‍द कदम उठाएगा। कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने राहुल गांधी से मुलाकात की। बताया जाता है कि दोनों नेताओं के बीच पंजाब कांग्रेस के मुद्दे पर चर्चा हुई।

Sunil Kumar JhaMon, 14 Jun 2021 12:16 AM (IST)
हरीश रावत और राहुल गांधी की फाइल फोटो।

चंडीगढ, जेएनएन। Punjab Congress Strife: पंजाब कांग्रेस की अंतर्कलह पर पार्टी आलाकमान का फैसला जल्‍द ही आएगा। पार्टी के राष्‍ट्रीय नेतृत्‍व के पंजाब कांग्रेस को लेकर संभावित कदमों को लेकर कयासबाजी तेज हो गई है। इस बीच कांग्रेस के महासचिव व पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत के कांग्रेस के पूर्व प्रधान राहुल गांधी से मुलाकात से सस्‍पेंस और बढ़ गया है।  बताया जाता है कि इस दौरान दोनों नेताओं ने पंजाब कांग्रेस के मुद्दों पर चर्चा की। उन्‍होंने पंजाब कांग्रेस के मामले पर गठित तीन नेताओं की रिपोर्ट पर चर्चा की। इस कमेटी में हरीश रावत, जयप्रकाश अग्रवाल और मल्लिकार्जन खडगे शामिल थे।

इस मुलाकात को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कांग्रेस में यह बात आम है कि रविवार को राहुल गांधी किसी से नहीं मिलते है। हालांकि, इस मुलाकात के दौरान हुई चर्चा को लेकर हरीश रावत ने कुछ भी नहीं कहा है, लेकिन बताया जा रहा है कि बैठक में पंजाब कांग्रेस का अंतर्कलह ही चर्चा का विषय थी। राहुल गांधी के अवकाश वाले दिन हुई इस मुलाकात में पंजाब कांग्रेस के विवाद पर आलाकमान के फैसले से जोड़ कर देखा जा रहा है।

बता दें कि पंजाब कांग्रेस के अंतर्कलह को लेकर पार्टी हाईकमान द्वारा बनाई गई कमेटी ने अपनी रिपोर्ट पहले ही पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी थी। पंजाब को लेकर राहुल गांधी की हमेशा ही रुचि रही है, इसलिए रविवार के दिन राहुल गांधी ने पार्टी के प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात की। कहा जा रहा है कि राहुल ने कमेटी के समक्ष कांग्रेस के नेताओं की ओर से रखे गए पक्ष और भविष्य की रणनीति को लेकर चर्चा की।

यह आम चर्चा है कि राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा पूर्व कैबिनेट नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी या सरकार में एडजस्ट करने के पक्ष में है। दूसरी ओर, बताया जाता है कि कमेटी के सामने पंजाब के कांग्रेस विधायकों, सांसदों, राज्यसभा सदस्यों, प्रदेश प्रधान व पूर्व प्रदेश प्रधान में से कुछेक को छोड़कर किसी ने भी सिद्धू के समर्थन में कुछ नहीं कहा था।

वहीं, पंजाब कांग्रेस के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ यह कह रहे हैं कि अगर उनकी कुर्बानी से पार्टी एकजुट होती है तो हाईकमान उनसे प्रधानगी वापस ले सकती है। चर्चा है कि सिद्धू मुख्यमंत्री कैप्‍टन अमरिंदर सिंह के अधीनस्थ होकर काम नहीं करना चाहते है। इसलिए ताजा हालात को देखते हुए राहुल ने रावत से चर्चा की।

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