समस्याओं के लिए अधिकारी और पार्षद जिम्मेदार, जनता देगी जवाब : फासवेक

फेडरेशन ऑफ सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (फासवेक) ने शहर की समस्याओं को हल नहीं करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और काउंसलर्स को जिम्मेदार ठहराया है।

JagranMon, 20 Sep 2021 08:54 PM (IST)
समस्याओं के लिए अधिकारी और पार्षद जिम्मेदार, जनता देगी जवाब : फासवेक

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : फेडरेशन ऑफ सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन चंडीगढ़ (फासवेक) ने शहर की समस्याओं को हल नहीं करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और काउंसलर्स को जिम्मेदार ठहराया है। फासवेक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता काउंसलर्स को आगमी चुनाव में जवाब देगी। सेक्टर-35 के होटल में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में फासवेक चेयरमैन बलजिदर सिंह बिट्टू ने कहा कि चंडीगढ़ हाउसिग बोर्ड के मकानों में रहने वाले 60 हजार से अधिक परिवार इसी डर के साए में जीते हैं कि कब हाउसिग बोर्ड के कर्मचारी उनका मकान तोड़ने के लिए आ जाएं। उन्होंने कहा कि मकानों में आवश्यकता के अनुसार किए गए बदलावों को नियमित किया जाना महज चुनावी मुद्दा बनकर रह गया है। एक के बाद दूसरी कमेटी बना दी जाती है परंतु लोगों के पक्ष में कभी फैसला नहीं लिया जाता। बिट्टू ने कहा कि यदि लोगों द्वारा जरूरत के हिसाब से किए गए बदलावों से इमारत की स्थिरता पर असर नहीं पड़ता और न ही सरकारी जमीन पर कोई अतिक्रमण है तो ऐसे बदलावों को दिल्ली पैटर्न के अनुसार नियमित किया जाना चाहिए। समय के साथ लोगों के परिवार बढ़े हैं और उस हिसाब से जरूरतें भी।

24 घंटे पानी की सप्लाई पर करोड़ों रुपये खर्च करना गलत

फासवेक महासचिव जेएस गोगिया ने कहा कि चाहे चंडीगढ़ के सौंदर्यीकरण की बात हो, सड़कों के रख-रखाव की या घरों से कूड़ा एकत्रित करने की नगर निगम हर क्षेत्र में असफल रही है। ऊपर से पानी की 3 गुना तक बढ़ाई गई दरें जले पर नमक छिड़कने के समान हैं। नगर निगम ने चंडीगढ़वासियों को 24 घंटे पानी उपलब्ध करवाने के नाम पर 500 करोड़ रुपए का ऋण तो ले लिया लेकिन यह नहीं सोचा कि चंडीगढ़ में 24 घंटे ताजे पानी की सप्लाई देने की आवश्यकता है भी या नहीं। इस कर्ज से बचने के विकल्प भी नहीं ढूंढे गए।

बोर्ड के अलॉटियों पर अत्याचार

फासवेक के मुख्य प्रवक्ता पंकज गुप्ता ने कहा कि डड्डूमाजरा स्थित डंपिग ग्राउंड से उठते विषाक्त प्रदूषण और असहनीय दुर्गंध के कारण आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग नारकीय जीवन जीने के लिए मजबूर हैं। इसके लिए सीधे तौर पर चंडीगढ़ प्रशासन और नगर निगम के अधिकारी व पार्षद जिम्मेदार हैं। सेक्टर 39 आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष अमरदीप सिंह ने कहा की चंडीगढ़ हाउसिग बोर्ड मकानों को लीज-होल्ड से फ्री-होल्ड करने के नाम पर अलाटियों से लाखों रुपये लेता है जो सरासर गलत है। फासवेक ने चंडीगढ़ प्रशासन, हाउसिग बोर्ड और नगर निगम को चेतावनी दी कि लोगों कि समस्याओं का शीघ्र ही हल नहीं निकाला गया तो फॉसवेक शहर में जगह-जगह आंदोलन करेगी।

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