डेराबस्सी और जीरकपुर में इंतकाल के नाम पर हो रही लूट, जैक एसोसिएशन का आरोप- तहसीलों में बैठे हैं दलाल

पंजाब सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार जब भी कोई व्यक्ति जमीन रजिस्ट्री करवाता है तो इंतकाल की फीस उससे रजिस्ट्री फीस में ही ले ली जाती है। जीरकपुर व डेराबस्सी तहसीलों में बैठे दलालों द्वारा इंतकाल के लिए अलग से दो हजार रुपये लिए जा रहे हैं।

Ankesh ThakurMon, 18 Oct 2021 02:35 PM (IST)
तहसीलों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ जैक रेजिडेंटस वेलफेयर सोसायटी जिला उपायुक्त के साथ मुलाकात करेगी।

जागरण संवाददाता, जीरकपुर। डेराबस्सी व जीरकपुर की तहसीलों में लोगों से इंतकाल के नाम पर लूट हो रही है। तहसीलों में बैठे दलाल लोगों को इंतकाल देने के नाम पर पैसे वसूल रहे हैं और तहसीलदार और नायब तहसीलदार जानबूझ कर अनजान बन रहे हैं।

जैक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने तहसीलों में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने और जिला उपायुक्त से मुलाकात करने का एलान करते हुए बताया कि जैक के पास बहुत से लोगों की शिकायतें आ रही हैं। शिकायतों के आधार पर जब खुद तहसीलों में जाकर पता किया गया तो एक बड़ा घोटाला सामने आया है।

पंजाब सरकार द्वारा तय किए गए नियमों के अनुसार जब भी कोई व्यक्ति जमीन रजिस्ट्री करवाता है तो इंतकाल की फीस उससे रजिस्ट्री फीस में ही ले ली जाती है। बावजूद जीरकपुर व डेराबस्सी तहसीलों में बैठे दलालों द्वारा इंतकाल के लिए अलग से दो हजार रुपये लिए जा रहे हैं। जो लोग यह पैसा नहीं देते हैं उन्हें इंतकाल के लिए महीनों लटकाया जाता है।

सुखदेव चौधरी ने इंतकाल देने को राइट टू सर्विस के माध्यम से सख्ती से लागू करने मांग करते हुए कहा कि कहा कि आम लोगों को जागरूक करने और तहसीलों में फैले भ्रष्टाचार को बंद करवाने के लिए जैक रेजिडेंटस वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधियों द्वारा जिला उपायुक्त के साथ मुलाकात की जाएगी। जिला प्रशासन ने अगर इस संबंध में तहसील परिसरों के बाहर बोर्ड नहीं लगाए तो जैक द्वारा अपने स्तर पर जागरूकता के लिए बोर्ड लगाकर लोगों को इस भ्रष्टाचार का शिकार होने से बचाया जाएगा।

कैसे होता है इंतकाल

किसी भी लैंड या बिल्डिंग की रजिस्ट्री करवाते समय इसके लिए दस्तावेजों के तीन सेट तैयार किए जाते हैं। सब-रजिस्ट्रार इन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के साथ ही पार्टी की फोटो खींचकर उक्त दस्तावेजों में से एक सेट खरीदार को दे देता है। इसी संपत्ति का एक सेट सब-रजिस्ट्रार के कार्यालय के रिकार्ड में रख देता है जबकि इसकी तीसरी कापी, जिसे पर्चा रजिस्ट्री भी कहते हैं, आफिस कानूनगो को भेज देता है। आफिस कानूनगो इसे आगे हलका कानूनगो और हलका काननूगो इस दस्तावेज को संबंधित हलके के पटवारी को भेज देता है ताकि इंतकाल दर्ज किया जा सके। इसके बाद रजिस्ट्री का इंतकाल उपभोक्ता को देना होता है।

रिश्वत के आरोप में पकड़ा जा चुका है पटवारी

जैक रेजिडेंट्स वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष सुखदेव चौधरी ने कहा कि हाल ही में एक पटवारी इस तरह के मामले में रिश्वत लेते हुए पकड़ा जा चुका है। बावजूद तहसीलों में लोगों से पैसा वसूल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले साल कोरोना के बावजूद सरकार ने फीस को बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया था। जिसे रजिस्ट्री में ही जोड़ा जाता है। बावजूद यहां से दो से तीन हजार रुपये लिए जा रहे हैं। अब जेक न केवल विजिलेंस ब्यूरो को इस बारे में शिकायत करेगी बल्कि स्टिंग आपरेशन करके ऐसे भ्रष्टाचारियों को पकड़वाया जाएगा।

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"जीरकपुर का मेरे पास दो चार दिन के लिए चार्ज आया था। वहां नए नायब तहसीलदार आ गए हैं। मेरे पास डेराबस्सी का चार्ज है। वैसे ऐसा कोई मामला हमारे ध्यान में नहीं आया है। आरोप लगाने वाला मुझे शिकायत दे, मैं एक्शन लूंगा।

                                                                                -कुलविंदर सिंह, नायब तहसीलदार डेराबस्सी

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