मोहाली में कांग्रेस नेता की करतूत, रेहड़ी वालों से हर महीने करता है वसूली, बोला- पैसे दो कोई परेशान नहीं करेगा

मोहाली के जीरकपुर में कांग्रेस पार्टी के नेता की करतूत सामने आई है। नेता द्वारा सड़क किनारे रेहड़ी फड़ी लगाने वालों से पैसे वसूले जाते हैं। हालांकि नेता ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है।

Ankesh ThakurMon, 29 Nov 2021 11:28 AM (IST)
वायरल वीडियो में कांग्रेस नेता और स्ट्रीट वेंडर के बीच पैसों को लेकर बात हो रही है।

जागरण संवाददाता, जीरकपुर। मोहाली के जीरकपुर में रेहड़ी-फड़ी वालों ने एक कांग्रेस नेता वसूली का आरोप लगाया है। वसूली का यह आरोप कांग्रेस पार्टी के नेता हर्ष ऋषि पर लगे हैं। आरोप है कि हर्ष ऋषि रेहड़ी फड़ी वालों से हर महीने वसूली करता है। इससे परेशान होकर रेहड़ी फड़ी वालों ने इसकी शिकायत ज्वाइंट एक्शन कमेटी के प्रधान सुखदेव चौधरी को दी है। एक रहेड़ी लगाने वाले वेंडर ने उससे पैसे मांगने का एक वीडियो भी बनाया है जो वायरल भी हो रहा है।

सुखदेव चौधरी ने कहा कि जीरकपुर की सड़कों पर लगातार एन्क्रोचमेंट की समस्या बढ़ती जा रही है। सड़क पर रेहड़ियों की संख्या पहले से कई गुणा हो गई है। सड़कों से एन्क्रोचमेंट नहीं हट पा रहा है, क्योंकि कुछ राजनीतिक दल नेता इसको बढ़ावा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता रेहड़ी लगाने वालों से हर महीने पैसे वसूलता है। उसने रेहड़ी वालों से कहा है कि वे लोग उसको पैसे देते रहेंगे तो जीरकपुर एमसी का कोई कर्मचारी उनकी रेहड़ियों को हाथ नहीं लगाएगा। ऐसे में शहर के हित में काम करने की बजाए यह नेता अपनी जेब भरने में लगा हुआ है।

एन्क्रोचमेंट हटाने के लिए चाहिए अलग से विंग

शहर की सड़कों से एन्क्रोचमेंट कम होने की जगह बढ़ रहा है। जीरकपुर परिषद की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाती। जीरकपुर परिषद के ईओ, एमई, एसडीओ, जेई और क्लेरिकल स्टाफ में से एक भी सरकारी कर्मचारी एन्क्रोचमेंट के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए फील्ड में नहीं जाता है। जीरकपुर एमसी के पास एन्क्रोचमेंट हटाने के लिए अलग से कोई विंग नहीं है, जिसके कारण शहर में इस समय 500 से ज्यादा रेहड़ी-फड़ियां लग रही हैं। एन्क्रोचमेंट हटाने का काम ठेके पर दिया गया है। ठेकेदार एन्क्रोचमेंट हटाने का काम सफाई कर्मचारियों से करवा रहा है। एन्क्रोचमेंट हटाने वालों के लिए कोई नियम-कानून भी तय नहीं किए गए हैं। सड़कों पर एन्क्रोचमेंट हटाने के लिए तैनात कर्मचारियों के पास चालान बुक तक नहीं होती है। ये लोग जिस भी दुकान या रेहड़ी-फड़ी का सामान जब्त करते हैं, बदले में उसे कुछ भी लिखित में नहीं देते। इसके अलावा उठाए गए सामान का रिकॉर्ड भी मेंटेन नहीं किया जाता। जिन दुकानदारों या रेहड़ी-फड़ी वालों का सामान लौटाया जाता है, उनसे जुर्माना वसूला गया या नहीं। वसूला गया तो कितना जुर्माना वसूला गया, यह भी कहीं नोट नहीं किया जाता। इस तरह शहर की सड़कों से एन्क्रोचमेंट को खत्म कर पाना बेहद मुश्किल है। लोगों का कहना है कि एन्क्रोचमेंट हटाने के लिए जीरकपुर एमसी को किसी जिम्मेदार अफसर को यह काम सौंपना चाहिए। अलग से विंग बनाकर उस अफसर की जवाबदेही तय की जाए। जब तक ऐसा नहीं होगा, एन्क्रोचमेंट खत्म होना मुश्किल है।

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"मुझ पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं। सड़क पर जाम लगने की वजह से उन्हें रेहड़ियां कहीं ओर लगाने को कहा था। जो वीडियो वायरल हुई थी उसमें दिखाई देने वाले व्यक्ति अपनी गलती मान गए हैं कि उन्होंने मानसिक तनाव के चलते उनका नाम लिया था।

                                                                                                                    -हर्ष ऋषि, कांग्रेसी नेता

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